कुंभ मेला के पहले शाही स्नान पर्व पर किसी भी आपाद स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी डिजास्टर टीमों की तैनाती कर दी है। संगम और गंगा-यमुना के सभी सेक्टर अस्पतालों में डॉक्टरों की टीमें तैनात कर दी गई हैं। इसके लिए 300 डॉक्टरों के साथ 1500 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
मेला क्षेत्र में 100 बेड के केंद्रीय अस्पताल के साथ दस सेक्टर अस्पताल और 25 हेल्थ पोस्ट स्थापित की गई हैं। विभिन्न स्थानों को चिह्नित कर 80 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। शहरी इलाकों में भी रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, भीड़ भाड़ वाले रास्तों पर 15 हेल्थ पोस्ट श्रद्धालुओं के प्राथमिक उपचार के स्थापित की गई हैं।
गंभीर रोगियों को सेक्टर अस्पतालों से तुरंत केंद्रीय अस्पताल एंबुलेंस से भेजने की व्यवस्था की गई है। रिवर एंबुलेंस में चार मोटर बोट और पांच नाव पर रहेंगी। डूबने वालों का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया जाएगा।
एसआरएन, बेली, कॉल्विन में 300 बेड आरक्षित
कुंभ के लिए आपदा प्रबंधन के तहत शहर के सरकारी अस्पतालों में 300 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें एसआरएन में 200, बेली और कॉल्विन में 40-40 तथा डफरिन में 20 बेड के वार्ड आरक्षित किए गए हैं। 24 घंटे ड्यूटी के लिए नोडल अधिकारी नामित कर ड्यूटी लगाई गई है।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कॉडियोलॉजी विभाग में पांच बेड आसीयू में आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह बर्न वार्ड की तरह एक वार्ड में 20 बेड लगाकर जलने वालों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
एजीपीजीआई से टेलीमेडिसिन सेवा
कुंभ में आने वालों को एजीपीजीआई के विशेषज्ञ टेली मेडिसिन सेवा का भी लाभ देंगे। इसके लिए विशेष वैन लखनऊ पीजीआई से यहां लाई जा रही है। कुंभ के केंद्रीय अस्पताल में यह सेवा 17 जनवरी से शुरू होगी। इससे पहले विशेषज्ञ मकर संक्रांति पर यहां आपात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेंगे।