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डेंगू का डंकः किशोरी की मौत, अब तक 40 मरीज चिह्नित

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Dengue
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झूंसी के नर्सिंग होम शहर के हार्ट सेंटर में किया था रेफर
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स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जानकारी, मेडिकल में जांच भी नहीं
प्रयागराज। डेंगू का डंग अब जानलेवा हो गया है। जीएचएस की एक छात्रा की मौत के बाद मंगलवार को 14 वर्षीय डेंगू पीड़ित एक किशोरी की जान चली गई। दोनों घरों में कोहराम मचा है। अब तक डेंगू के 40 मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। डेंगू हुई दो मौतों के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी से ही इंकार किया है।
झूंसी निवासी बैंक कर्मी प्रमोद कुमार शहर से बाहर नौकरी करते हैं। उनकी बेटी अमिषा (14 ) बुखार से पीड़ित थी। अमिषा के रिश्तेदार आशीष के मुताबिक उसे झूंसी के आद्या नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि वह डेंगू पीड़ित है। उसे प्लेटलेट्स भी चढ़ाया गया। सोमवार को डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर उसे सरस्वती हार्ट केयर के लिए रेफर किया। परेशान परिजन उसे वहां ले गए, जहां मंगलवार भोर पांच बजे उसकी मौत हो गई। परिवारी जनों का आरोप है कि दोनों अस्पतालों में इलाज में लापरवाही की गई। उन्हें बच्ची की गंभीरता के बारे में नहीं बताया गया।
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ओपीडी में बढ़ी भीड़, 24 नमूने जांच को भेजे
बारिश के बाद बढ़ी नमी के इस मौसम में अस्पतालों की ओपीडी में बुखार और डेंगू पीड़ितों की भरमार है। रक्त जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है। अगस्त और सितंबर महीने में डेंगू पीड़ित 40 मरीज चिह्नित किए गए। जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. एएन मिश्रा का दावा है कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां सत्यापन और त्वरित उपचार के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) भेजी गईं। जिन दो मामलों में डेंगू से मौत होने की बात कही जा रही है, उस बारे में निर्देश के बाद भी विभाग को सूचना नहीं नहीं दी गई, न ही मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में उनके रक्त की जांच कराई गई। वहीं मंगलवार को बेली, एसआरएन की ओपीडी में आए 24 मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे गए हैं।
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डेंगू पीड़ितों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मरीजों के बारे में सूचना न देने वाले अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ
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