छात्रों की गिरफ्तारी का विरोध
छात्र परिषद के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर विरोध तेज हो गया है। एबीवीपी के कई छात्र नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज संगठन के महानगर मंत्री का कहना है कि इविवि प्रशासन और पुलिस मनमानी पर उतारू है। शांतिपूर्ण अनशन कर रहे छात्रों को बलपूर्वक हटाया गया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य अतेंद्र सिंह ने कहा कि इविवि प्रशासन भ्रष्टाचार का बढ़ावा देने के लिए छात्र परिषद का गठन करने में जुटा है। इविवि के छात्र नेता अविनाश विद्यार्थी ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर छात्र परिषद का गठन नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, दिशा छात्र संगठन के अमित ने कहा कि इविवि प्रशासन इविवि प्रशासन निरंकुश फैसले को लागू करने में जुटा है। ऐसे में इविवि प्रशासन के खिलाफ जारी आंदोलन को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
21 छात्रनेता गिरफ्तार
पुलिस ने अनशन स्थल से छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव समेत छात्र नेता सौरभ सिंह बंटी, सत्यम पांडेय, आशीष प्रताप यादव, दुर्गेश प्रताप सिंह, आयुष मौर्या, जितेंद्र धनराज, मनश्याम पांडेय, नवीन मिश्र, ऋषभ रावत, आनंद सिंह पटेल, रवींद्र मिश्र, सत्यम कुशवाहा, विनायक पांडेय, प्रणव अस्थाना, आनंद यादव, दीपक यादव, अजय यादव, कबीर गुप्ता एवं मोहित यादव को गिरफ्तार कर लिया और बाद में सभी का 151 में चालान कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पहुंचे अध्यक्ष, महामंत्री
छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और महामंत्री शिवम सिंह अनशन स्थल पर पहुंचे। वहां पुलिस मौजूद थी। पुलिस के अफसरों ने उनसे पूछा कि गिरफ्तारी देना चाहते हैं या नहीं। दोनों छात्र नेता इसके लिए तैयार नहीं हुए और अपना विरोध दर्ज कराकर लौट गए। माना जा रहा है कि छात्रसंघ उपाध्यक्ष के जेल जाने के बाद छात्र परिषद के खिलाफ जारी आंदोलन अब अध्यक्ष और महामंत्री के जिम्मे होगा।