छात्रों का गुस्सा उस समय और भड़क उठा जब वे महापंचायत के बाद कुलपति से मिलने पहुंचे। उन्हें बताया गया कि कुलपति नहीं हैं। वह शैक्षणिक कार्य से पुडुचेरी गए हैं। इससे नाराज छात्रों ने कुलपति दफ्तर पर जमकर हंगामा किया। जमकर नारेबाजी हुई। कार्यवाहक कुलपति से वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकला। यहां भी छात्रों की उनसे तीखी झड़प हुई।
छात्रों का एक गुट सुरक्षा कर्मियों को धक्का देते हुए प्रशासनिक भवन की सीढ़ी पर चढ़ गया लेकिन वहां चैनल पर ताला लगा था। ऐसे में छात्र वहां से वापस हो गए और कुलपति कक्ष के लिए जाने वाले गेट पर एकत्रित हुए। छात्रों की गेट तोड़ने की कोशिश लगातार जारी रही। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार, सुरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह गेट पर खड़े हो गए तो छात्र कुछ देर के लिए शांत हुए लेकिन फिर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों की सुरक्षा सलाहकार प्रोफेसर माता अंबर तिवारी से भी तीखी झड़प हुई। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस अफसरों के अलावा आरएएफ भी पहुंच गई। इसके बाद तनाव कुछ कम हुआ लेकिन छात्रों का हंगामा जारी रहा। हालांकि इसी दौरान कार्यवाहक कुलपति भी पहुंच गए लेकिन उनसे वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद छात्र नेताओं ने बैठक कर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। छात्रसंघ पदाधिकारियों का दावा है कि महापंचायत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, समाजवादी छात्र सभा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा आल इंडिया स्टुडेंट्स आर्गनाइजेशन से जुड़े छात्र शामिल हुए।