इलाहाबाद। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित साक्षात्कार का विरोध शुरू हो गया है। सामाजिक न्याय मोर्चा के बैनर तले आयोग दफ्तर पर पहुंचे प्रतियोगी साक्षात्कार स्थगित करने की मांग कर रहे थे।
आयोग में दो नए सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया था। इनमें से डॉ. अजब सिंह यादव ने ज्वाइन किया था लेकिन अब इनकी नियुक्ति खतरे में पड़ गई है। शासन की तरफ से उनकी नियुक्ति रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ऐसे में आयोग में एक बार फिर कोरम का संकट बन गया है। प्रतियोगियों का कहना था कि इस स्थिति में इंटरव्यू कराने से भर्ती फंस सकती है। उनका कहना था कि साक्षात्कार के लिए दो बोर्ड का गठन नियम विरूद्ध है। वे जल्द से जल्द से जल्द सदस्यों की नियुक्ति की भी मांग कर रहे थे। अध्यक्ष प्रभात मित्तल का कहना है कि साक्षात्कार बोर्ड के गठन का अधिकार चेयरमैन का है। इसके लिए आयोग की बैठक की जरूरत नहीं होती। इसलिए कोरम पूरा होना आवश्यक नहीं है। इसमें नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। चूंकि एक सदस्य की नियुक्ति पर विवाद है। इसलिए सिर्फ दो बोर्ड गठित किया गया है। प्रदर्शन करने वालों में मोर्चे के अध्यक्ष मनोज यादव, अजीत पटेल, संदीप यादव, राजेश भारती, आशीष यादव, राजेश मिश्र आदि शामिल रहे।
निष्कासन के विरोध में क्रमिक अनशन
इलाहाबाद। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में एबीवीपी के बैनर तले हुए आंदोलन में शामिल छात्र नेताओं के निष्कासन, निलंबन को लेकर गतिरोध बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के विरोध में विद्यार्थियों का छात्रसंघ भवन पर क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। वे प्रवेश, भर्ती प्रक्रिया आदि में गड़बड़ी का भी आरोप लगा रहे थे। इन मुद्दों को लेकर छात्र संगठनों की ओर से संयुक्त लड़ाई की घोषणा की गई। उनका कहना था कि कुलपति के खिलाफ आर-पार की उनकी लड़ाई जारी रहेगी। छात्रसंघ के निवर्तमान पदाधिकारियों के अलावा एनएसयूआई के मधुकर मिश्र, लोकेश त्रिपाठी, समाजवादी छात्रसभा के अखिलेश गुप्ता, डीपी यादव, अंकुश यादव, सीवाईएसएस के अंजनी मिश्र, संजय, एआईडीएसओ के विकास स्वरूप आदि ने आंदोलन का समर्थन किया। क्रमिक अनशन में आनंद सिंह निक्कू, सूर्य प्रकाश मिश्र, रुद्र पांडेय, श्रीकांत पांडेय, अनुभव उपाध्याय आदि शामिल रहे।
कुलपति के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
इलाहाबाद। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती में अनियमितता, कुलपति की कार्यशैली आदि मुद्दोें को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्टुडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), भारत की जनवादी नौजसवान सभा के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वे शिक्षण संस्थानों में रोहित ऐक्ट को लागू करने, सीबीसीएस को रद्द करने की भी मांग कर रहे थे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से सेंट्रल लाइब्रेरी के सामने स्पीड ब्रेकर और जेब्रा लाइन बनवाने की भी मांग की। रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, नि:शुल्क आवेदन आदि की मांग का ज्ञापन भी सौंपा। इन मांगों को लेकर 15 सितंबर को लखनऊ में रैली की घोषणा की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में अखिल विकल्प, मो.रिजवान, जयप्रकाश, सूर्य प्रकाश, सुधांशु, अनूप आदि शामिल रहे।