इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी–ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव खारी, वैजपुर और रामगढ़ के सामने मेडियन कट खोलने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। कहा, सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सर्वोपरि है, उस पर अदालत अपनी राय नहीं थोप सकती। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अशोक पुरी की जनहित याचिका पर दिया है।
याचिका में ग्रामीणों की ओर से कहा गया था कि गांव से करीब एक किमी दूर मौजूद मेडियन कट से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता प्रांजल मेहरोत्रा ने याचिका का विरोध किया। दलील दी कि सड़क सुरक्षा को लेकर की गई शिकायत की जांच रोड सेफ्टी ऑडिट फर्म ने की थी।
अपनी रिपोर्ट में उसने पूर्व में बने मेडियन कट को बंद करने की सिफारिश की थी। क्योंकि, वह रिटेल आउटलेट के सामने था, खतरनाक स्थिति पैदा कर रहा था और गाइडलाइंस के भी विपरीत था। लिहाजा, जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र ही कट बंद किया गया है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर आधा किलोमीटर या एक किलोमीटर की दूरी कोई बड़ी बात नहीं है। क्योंकि, कट बंद करने का निर्णय विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसलिए न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा।