इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में पीएचडी प्रवेश में अनियमित एवं इंटरव्यू में धांधली की शिकायत पर कुलपति ने परिणाम निरस्त कर दिया था लेकिन कारण न बता पाने के कारण हाईकोर्ट ने कुलपति के आदेश को रद्द कर दिया और नए सिरे से कार्रवाई करने को कहा। इस बाबत छात्रों ने शनिवार को कुलपति को ज्ञापन देकर कहा कि पीएचडी प्रवेश में ऑर्डिनेंस के उल्लंघन के साथ अनारक्षण नियमों की अनदेखी गई। इसी आधार पर इंटरव्यू में धांधली की गई लेकिन इविवि प्रशासन ने अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। छात्रों का कहना है कि मामले में जांच कमेटी का गठन कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर कारण सहित इंटरव्यू दोबारा कराया जाए। अगर इविवि प्रशासन जल्द ही कोई निर्णय नहीं लेता है तो छात्रा आमरण अनशन करेंगे।