इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के तुगलपुर गांव की भूमि अधिग्रहण से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। कहा कि याचियों को 64.70 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 10 फीसदी विकसित भूमि पाने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के तुगलपुर गांव की भूमि अधिग्रहण से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। कहा कि याचियों को 64.70 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 10 फीसदी विकसित भूमि पाने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी, न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने धूमवती व दो अन्य की याचिका पर दिया। मांग की गई थी कि गौतमबुद्ध नगर की सदर तहसील स्थित ग्राम तुगलपुर की अधिग्रहीत भूमि के बदले 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूमि दी जाए।
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राज्य सरकार और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने दलील दी कि कानून के अनुसार देय मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। इसी मुद्दे पर 15 अक्तूबर 2025 को हाईकोर्ट पहले ही समान मांग वाली कई याचिकाएं खारिज कर चुका है। पूर्व में दिए गए फैसले डंबर सिंह बनाम राज्य सरकार का हवाला दिया गया। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में भी स्पष्ट किया जा चुका है कि अतिरिक्त विकसित आबादी भूमि के आवंटन का दावा करने का न तो कोई कानूनी अधिकार है और न ही उसका तथ्यात्मक आधार।