इलाहाबाद (ब्यूरो)। क्षेत्र पंचायत वार्डों के उलझाऊ परिसीमन के कारण जिला पंचायत सदस्य पद की मतगणना फंस गई। यही वजह रही कि देर रात तक क्षेत्र पंचायत सदस्य के तकरीबन नौ सौ पदों के परिणाम घोषित कर दिए गए लेकिन जिला पंचायत सदस्य के सभी 92 पदों के परिणाम अटके रहे। हालांकि परिणाम में देरी की वजह सिर्फ इतनी नहीं थी। अव्यवस्था की वजह से भी परिणाम समय से घोषित नहीं किए जा सके। बहादुरपुर सहित तमाम ब्लॉकों में मतगणना निर्धारित समय से काफी विलंब से शुरू हुई। जबकि अफसरों का दावा था कि रविवार रात तक 90 फीसदी चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पद की मतगणना वार्डवार शुरू हुई लेकिन इसकी वजह से जिला पंचायत सदस्य पद की मतगणना फंस गई। दरअसल, क्षेत्र पंचायत के कई वार्ड मिलाकर जिला पंचायत का एक वार्ड बनता है। क्षेत्र पंचायतों के वार्डों का परिसीमन इस तरह से हुआ है कि वे क्रम से जिला पंचायत के वार्डों में शामिल नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर जिला पंचायत का कोई वार्ड है तो जरूरी नहीं कि उसमें क्षेत्र पंचायत वार्ड संख्या एक के बाद क्रम हसे वार्ड संख्या दो भी शामिल हो। साथ वार्ड संख्या 30, 75 या अन्य कोई क्षेत्र पंचायत भी उस जिला पंचायत वार्ड में शामिल हो सकती है।
ऐसे में जिला पंचायत की मतगणना तभी पूरी होगी जब उसके वार्ड में शामिल सभी क्षेत्र पंचायतों की मतगणना भी पूरी हो जाएगी, क्योंकि वोटों की गिनती के लिए बैलेट बॉक्स क्षेत्र पंचायत वार्डवार ही निकाले जाते हैं। इसके अलावा अव्यवस्था की वजह से भी वोटों की गिनती पूरी होने में देर हुई। बहादुरपुर सहित कुछ ब्लॉकों में एजेंटों के पास, ड्यूटी चार्ट आदि को लेकर तैयारियां अधूरी होने के कारण मतगणना काफी देर से शुरू हुई। मतगणना के दौरान मॉनीटरिंग और प्रशिक्षण की भी कमी दिखी। तमाम मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने पर मतगणना कर्मी असमंजस में नजर आए और बाद में स्थिति स्पष्ट होने पर मतगणना शुरू हुई।