प्रयागराज। इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में ऑनलाइन मोड में आयोजित विषम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षाएं और स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की बैक पेपर की परीक्षाएं धीमे-धीमे पटरी पर आ रही हैं, लेकिन रोज एक नई समस्या भी सामने आ रही है। परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए जेके इंस्टीट्यूट में सेंटर खोल दिया गया है, लेकिन मंगलवार को तकरीबन 150 कॉपियां परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में ऑफलाइन जमा कराई गईं। वहीं, शहर से बाहर रहने वाले परीक्षार्थियों की कॉपियों को लेकर भी इविवि प्रशासन ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है और जो परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिकाओं की पीडीएफ पोर्टल पर अपलोड नहीं कर सके, उनकी कॉपियां फंसीं हुईं हैं।
परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए दो घंटे और इसके बाद उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ को अपलोड करने के लिए अतिरिक्त दो घंटे का समय दिया जा रहा है। मंगलवार को तकरीबन डेढ़ सौ परीक्षार्थी काफी देर तक उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ अपलोड करने के लिए जूझते रहे। सफलता नहीं मिली तो जेके इंस्टीट्यूट पहुंचे, लेकिन चार घंटे से अधिक वक्त बीत चुका था और लॉगइन नहीं हो सकता था। ऐसे में परीक्षार्थी इविवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंच गए और अपनी समस्या बताई। हालांकि वहां परीक्षार्थियों की समस्या का निराकरण कर दिया गया और उनकी कॉपियां ऑफलाइन जमा करा दी गईं। वहीं, जेके इंस्टीट्यूट में बने सेंटर में 100 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की पीडीएफ पोर्टल पर अपलोड की गईं।
उधर, शहर से बाहर रहने वाले परीक्षार्थियों की समस्या का निराकरण अब तक नहीं हो सका है। शहर से बाहर रहकर ऑनलाइन परीक्षा रदे रहे परीक्षार्थियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं की पीडीएफ ऑनलाइन अपलोड नहीं हो रही हैं, वे जेके इंस्टीट्यूट में आकर अपनी पीडीएफ पोर्टल पर अपलोड भी नहीं करा सकते। हालांकि पहले दिन व्यापक पैमाने पर यह समस्या सामने आने के बाद तमाम परीक्षार्थियों ने बाद में हुई परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को भी इविवि प्रशासन के ई-मेल पर प्रेषित कर दिया हैं, लेकिन ऐसी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा या नहीं, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इविवि प्रशासन इस समस्या का समाधान भी खोज रहा है और जल्द ही परीक्षार्थियों के हित में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
छात्रों का आरोप, अपलोड किया गलत पेपर
- इविवि एवं संघटक कॉलेज में मंगलवार को स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की बैक पेपर की परीक्षा भी थी। इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के कुछ छात्रों का आरोप है कि पोर्टल पर गलत पर्चा अपलोड कर दिया गया। राजनीति विज्ञान से बीए कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने द्वितीय प्रश्रपत्र में इंप्रूवमेंट के लिए आवेदन किया था, लेकिन जब परीक्षा शुरू हुई तो प्रथम प्रश्रपत्र का पर्चा अपलोड कर दिया गया। छात्रों ने यह भी बताया कि तृतीय वर्ष की भी परीक्षा होने वाली है और अब तक प्रवेश नहीं मिल सका है। कॉलेज में संपर्क करने पर कहा गया कि जब तक परीक्षा परिणाम नहीं आएगा, तब तक कुछ भी नहीं होगा। उधर, इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि गलत पेपर अपलोड होने की उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।