पार्टी हाईकमान ने केशरीदेवी पटेल के परिवार पर एक बार फिर से भरोसा जताते हुए उनके पुत्र दीपक पटेल को फूलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मैदान में उतार दिया। दीपक पटेल की बात करें तो वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें करछना सीट से पार्टी का प्रबल प्रत्याशी बताया जा रहा था।
2022 के विधानसभा चुनाव में करछना और इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में फूलपुर से टिकट कटने का मामला हो। इन दोनों ही मामलों में पूर्व सांसद केशरी देवी पटेल के परिवार की ओर से किसी भी तरह की भाजपा के खिलाफ प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
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इसका असर यह रहा कि पार्टी हाईकमान ने केशरीदेवी पटेल के परिवार पर एक बार फिर से भरोसा जताते हुए उनके पुत्र दीपक पटेल को फूलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मैदान में उतार दिया। दीपक पटेल की बात करें तो वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें करछना सीट से पार्टी का प्रबल प्रत्याशी बताया जा रहा था।
लेकिन भाजपा की एक परिवार से एक टिकट की पॉलिसी के चलते तब दीपक के हाथ मायूसी लगी। क्योंकि उस समय उनकी मां केशरी देवी पटेल फूलपुर संसदीय सीट से प्रतिनिधित्व कर रही थीं। बताया जा रहा है कि तब दीपक को आश्वस्त किया गया था कि 2024 में उन्हें फूलपुर लोकसभा चुनाव से मैदान में उतारा जाएगा। हालांकि, पार्टी ने लोकसभा चुनाव में केशरी और दीपक की जगह विधायक प्रवीण सिंह पटेल को मैदान में उतार दिया। इन दोनों ही मामलों में केशरी देवी के परिवार के किसी भी सदस्य ने भाजपा संगठन के खिलाफ कुछ नहीं बोला।
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अलबत्ता दीपक को लोकसभा चुनाव में यमुनापार में नीरज त्रिपाठी की मदद के लिए लगा दिया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुबोध सिंह बताते हैं कि दीपक की साफ छवि ही उन्हें फूलपुर विधानसभा का टिकट दिलाने में कामयाब हुई। कहा कि इस सीट पर भाजपा अब जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि सपा प्रत्याशी को दीपक पटेल से कड़ी टक्कर मिल सकती है।