राजनैतिक भविष्य अधर में...
सात साल की सजा के कारण उनका राजनैतिक भविष्य अधर में है। फैसला पक्ष में आया तो संभव है कि वह खुद चुनावी अखाड़े में ताल ठोकें। हालांकि, उनके जेल में रहने के दौरान बहुजन समाज पार्टी ने उनकी पत्नी श्रीकला सिंह को जौनपुर सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है, लेकिन खुद धनंजय सिंह तब तक चुनाव नही लड़ सकते जब तक हाईकोर्ट इनकी सजा को निलंबित करने का आदेश न दे दे। सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद के वकील ने साफ तौर पर कहा था कि उन्हें राजनैतिक द्वेष से मामले में फसाया गया है, जिससे वह लोकसभा का चुनाव न लड़ सकें।
बरहाल, मामले ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित हो चुकी है। फैसले के इंतजार के बीच जौनपुर में 29 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। धनंजय का राजनीतिक भविष्य अदालत के फैसले से ही तय होगा। फिलहाल, बसपा से प्रत्याशी घोषित श्रीकला का मुकाबला भाजपा के कृपा शंकर सिंह और सपा कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के बाबू सिंह कुशवाहा से है।