इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में आवेदन का अवसर देने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया।
याची वसीम अहमद व 220 अन्य ने शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग कर याचिका दायर की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि शिक्षामित्र लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षामित्र 26 साल से शिक्षण के साथ निर्वाचन, जनगणना, मतगणना, विद्यालय संचालन, परीक्षा ड्यूटी और विभागीय प्रशिक्षण जैसे कार्य भी कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें विशेष टीईटी में आवेदन का अवसर नहीं दिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षामित्रों को दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण कराया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए लंबे अनुभव और प्रशिक्षण वाले शिक्षामित्रों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित कर लिया।