इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य की डिग्री मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग में दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की पीठ ने दिवाकर नाथ त्रिपाठी की पुनरीक्षण याचिका पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य की डिग्री मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग में दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की पीठ ने दिवाकर नाथ त्रिपाठी की पुनरीक्षण याचिका पर दिया।
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याची के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि केशव ने हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज की डिग्री के आधार पर पेट्रोल पंप लिया है और चुनाव में हलफनामा दायर किया। उनकी डिग्री अमान्य है। यह एक गंभीर अपराध है। ऐसे में एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जानी चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने कहा याची ने अधीनस्थ अदालत में झूठा हलफनामा दाखिल किया है। साथ ही लगाया गया आरोप संज्ञेय अपराध नहीं है। कोर्ट ने पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।