Dean CDC resigns after registration of FIR
प्रयागराज। कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी (सीडीसी) के डीन प्रो. पंकज कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद लिया है। कुछ दिनों पहले ही अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण प्रो. राम सेवक दुबे ने भी चीफ प्रॉक्टर की कुर्सी छोड़ दी थी। हालांकि, ऑक्टा का दावा है कि एफआईआर झूठी है। ऑक्टा पदाधिकारियों ने इसकी निंदा भी की है।
प्रो. पंकज कुमार के पास डीन सीडीसी के साथ एचओडी जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, कोऑर्डिनेटर फिल्म एंड थियेटर और चेयरपर्सन एसमएसी का चार्ज भी है। प्रो. पंकज ने इन सभी पदों से अपनी इस्तीफा कुलपति प्रो. आरआर तिवारी को सौंप दिया है। कुछ दिनों पहले ऑटा की बैठक में हुए हंगामे के बाद शारीरिक शिक्षा के विभागाध्यक्ष प्रो. डीसी लाल ने प्रो. राम सेवक दुबे, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. हर्ष कुमार एवं डॉ. राकेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पहले प्रो. राम सेवक दुबे और अब प्रो. पंकज कुमार ने अपनी इस्तीफा दिया है।
उधर, ऑक्टा के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह एवं महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि ऑक्टा ने 31 जनवरी को ऑटा की बैठक में हुई घटना की छानबीन की और सभी आरोपों को निराधार एवं झूठा पाया। पुलिस ने झूठी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऑक्टा के पदाधिकारियों ने इसकी निंदा की है और मांग की है कि पुलिस घटना की त्वरित जांच करे और झूठी एफआईआर कराए जाने के विरुद्ध कार्रवाई करे।
वरिष्ठता के विवाद में डीन को विभागाध्यक्ष का चार्ज
इविवि में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेश्वर तिवारी का कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। विभागाध्यक्ष का चार्ज विभाग के ही किसी वरिष्ठ शिक्षक को दिया जाता है, लेकिन प्रो. आलोक प्रसाद और प्रो. संजय श्रीवास्तव के बीच वरिष्ठता का विवाद है। ऐसे में डीन आर्ट्स को प्रो. रंजना बाजपेयी को विभागाध्यक्ष का अतिरिक्त चार्ज दिया गया। अब वरिष्ठता का विवाद दूर होने के बाद ही स्थायी रूप से किसी शिक्षक को विभागाध्यक्ष का चार्ज दिया जाएगा।