मीरगंज। थाना शाही क्षेत्र के गांव सीहोर में बुधवार को चंद्रसेन (50) का शव कुएं में मिला। वह 15 जनवरी से लापता थे। परिजनों ने हत्या की बात से इन्कार किया है। कहा कि चंद्रसेन की मानसिक स्थिति सही नहीं थी। वह पहले भी एक बार कुएं में कूदकर जान देने की कोशिश कर चुके थे।
गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद बुधवार को खेत पर हल्दी खोदने के लिए गए थे। नजदीक स्थित कुएं पर जब वह खुरपी की धार तेज करने पहुंचे तो अंदर से दुर्गंध आई। झांककर देखा तो अंदर एक व्यक्ति का शव नजर आया। कॉल करके उन्होंने गांव के कुछ लोगों को बुलाया। शव मिलने की सूचना पर वहां भीड़ जमा हो गई।
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पहले सीढ़ी के जरिये कुछ लोगों को कुएं में उतारा गया मगर शव सड़ी-गली स्थिति में होने की वजह से उसे निकाला नहीं जा सका। इसके बाद पंपिंग सेट से कुएं में पानी भरा गया। शव ऊपर आने के बाद उसे निकाला गया। पहने हुए कपड़ों से गांव निवासी मिढ़ई लाल ने शव की पहचान अपने भाई चंद्रसेन के तौर पर की।
मिढ़ई ने बताया कि वह दो भाई और दो बहनें हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। दोनों भाइयों की शादी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि चंद्रसेन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह पहले भी एक बार कुएं में कूदकर जान देने की कोशिश कर चुके थे। 14 जनवरी को एक सांड़ ने मिढ़ई लाल पर हमला किया था। इसको लेकर वह बहुत परेशान थे। 15 जनवरी को चंद्रसेन लापता हो गए।
काफी तलाश के बाद जब उनका पता नहीं चला तो 18 जनवरी को उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार नैन ने बताया कि परिजनों ने हत्या की बात नहीं कही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।