पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका
मुकेश की मौत होने से परिजनों में रोना पिटना मच गया। मुकेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या की या फिर उसकी मौत का कारण कुछ और है, इस बारे परिवार वाले कुछ साफ साफ बता नहीं पा रहे हैं। घटना के बारे में इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रथय दृष्टया मामला सुसाइड का लग रहा है। परिजनों की ओर से किसी के ऊपर कोई आरोप भी नहीं लगाया गया है न ही कोई शिकायत ही मिली है। युवक की मौत कैसे हुई इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
पुकलैंड मशीन का मालिक था मुकेश
मृतक मुकेश के पास खुद की पुकलैंड मशीन थी। वह उसे बांदा में किसी साइट पर चलवाता था। पत्नी सरिता गांव में स्वास्थ्य विभाग में आशा बहू का काम करती है। घरवालों के मुताबिक मुकेश बच्चों को पढ़ाने के लिए दो सालों से नेवादा में किराए का कमरा लेकर पत्नी बच्चों को रखा था। बीच-बीच में वह नेवादा आता जाता रहता था। घर में पैसों की कमी नहीं थी, पति-पत्नी के बीच रिश्ता भी ठीक था। कोई घरेलू कलह भी नहीं थी, इसके बावजूद भी उसने खुद आत्मघाती कदम कैसे उठाया इस बारे में घरवालों को भी कुछ नहीं पता।
ढाई लाख का रुपयों का पता नहीं
मृतक मुकेश की मां शिवकुमारी ने बताया कि मुकेश के पास पुकलैंड मशीन की किश्त जमा करने का करीब ढाई लाख रुपया था। दीपावली बाद उसे किश्त जमा करना था। अचानक उसकी मौत हो गई। उसके पास रखे रुपये कहां हैं, इस बारे में घरवालों को भी नहीं पता।
बड़े भाई की मौत सुनकर घटनास्थल पर जा रहा छोटा भाई दुर्घटना में घायल
मुकेश के फांसी पर लटकने की खबर जैसे ही पिपरहटा गांव में परिजनों को मिली, बदहवास हालत में वह नेवादा की ओर भागने लगे। छोटा भाई उमेश भी अपनी बाइक से तेजी से नेवादा जा रहा था। जैसे ही वह अमवा गांव स्थित ईंट भठ्ठा के समीप पहुंचा अचानक सड़क पर एक छुट्टा गोवंश आ गया। अनियंत्रित होकर बाइक गोवंश से टकरा गई। हादसे में उमेश भी गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने इलाज के लिए उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है।