वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका चौराहा स्थित अपने घर में पत्नी, बेटी और बड़े बेटे के साथ रहते थे। छोटे बेटे अश्वनी को उन्होंने करीब 15 साल पहले संपत्ति से बेदखल कर दिया था। करीब 200 वर्ग गज के इस मकान के भूतल में 14 दुकानें हैं। इनमें 12 किरायेदार हैं।
उक्त दुकानों से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक का किराया आता है। एक दुकान अभिषेक की है। दूसरी बेटी मीनाक्षी की है। मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी के नाम से काम शुरू किया था। इस दुकान पर बेटी के साथ वीरेंद्र भी बैठते थे। वीरेंद्र की पत्नी अनीता बीमारी की वजह से पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं।
मकान खंगालने के बाद दुकान में मिला बेटे का शव
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पूरे मकान को खंगाला गया। घर के एक-एक कमरे की स्थिति समझी गई। इस दौरान तीन शव मिलने की बात ही सामने आई। चर्चा होती रही कि बेटा लापता है। इसी बीच पुलिस ने दुकान खुलवाई तो देर शाम बेटे अभिषेक का शव भी पड़ा मिला। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चेहरा काला पड़ा हुआ था। उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था। आसपास के लोगों से पहचान कराई गई।
एक ही परिवार के चार लोगों की सिर कूचकर हत्या की गई है। मामले में संपत्ति विवाद से लेकर अन्य कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - डॉ. अजय पाल शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त