प्रयागराज। खुल्दाबाद के चौफटका चकनिरातुल में गुब्बारा मांगने पर तीन साल की बेटी को मौत के घाट उतारने का आरोपी राजेंद्र अग्रहरि की हालत बुधवार को फिर बिगड़ गई। चाकू से किए गए वार में उसके पेट का भीतरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है जिसके कारण उसकी हालत में सुधार नहींहो रहा है। उधर बेटी का शव लेकर गई पत्नी ने मोबाइल बंद कर लिया है।
मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के बयारा डुमरियागंज निवासी राजेंद्र अग्रहरि पांच महीने पहले गांव की पिंकल के साथ रहने लगा था। करीब एक महीने पहले वह खुल्दाबाद के चौफटका में आकर पिंकल के साथ रहने लगा था। जहां 10 दिसंबर की सुबह उसकी तीन साल की बेटी पंखुड़ी की गला रेतकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद खुद पर भी चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जान देने की कोशिश की थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को पिंकल बच्ची का शव लेकर बयारा डुमरियागंज रवाना हो गई थी। उधर राजेंद्र एसआरएन अस्पताल में अकेले मौत से लड़ रहा है। घटना के दूसरे दिन उसकी हालत स्थिर हुई थी लेकिन बृहस्पतिवार को फिर उसकी हालत गंभीर हो गई। सूत्रों की मानें तो डॉक्टरों ने बताया है कि चाकू से हुए वार में उसे पेट के भीतरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है। इस वजह से उसकी तबियत में सुधार नहीं हो रहा है। उधर वापस लौटी पत्नी ने मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है। खुल्दाबाद पुलिस का कहना है कि घटना के बाद ही उसका बयान दर्ज कर लिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद उससे बात हुई थी जिस पर उसने शव लेकर पैतृक गांव जाने की बात बताई थी। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो सका है। अस्पताल में भर्ती आरोपी राजेंद्र की हालत पर लगातार नजर रखीजा रही है।