याची के अधिवक्ता ठाकुर प्रसाद दुबे ने दलील दी कि बालिग बेटी को पढ़ाई करने, अपनी मर्जी से नौकरी की तैयारी करने से रोकना स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है। वहीं, दूसरी तरफ पिता के अधिवक्ता राजेश कुमार यादव ने सनसनीखेज दावा किया। कहा कि बेटी सहेली के बहकावे में है। एक अप्रैल से गायब है। इसकी गुमशुदगी की एनसीआर थाने में दर्ज कराई गई है। पिता का आरोप है कि उसकी सहेली बेटी को गुमराह कर गलत कामों में धकेलने की कोशिश कर रही है।
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए कोर्ट ने एसएसपी मुरादाबाद जांच का आदेश दिया है। कहा है कि मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी से कराई जाए। पता लगाया जाए कि क्या वाकई युवती के सिविल सेवा की तैयारी से रोका जा रहा है।