डाटा के फेर में पूरी भर्ती फंसी हुई है। यूपीएसएसएससी की ओर से अभ्यर्थियों को बताया जा रहा है कि कृषि प्राविधिक सहायक के 3436 पदों पर नई भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं की जा सकती, जब तक पुराने 906 के डाटा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। वहीं, यूपीपीएससी के मीडिया प्रभारी विनोद गौर ने स्पष्ट किया है कि यूपीएसएसएससी ने जो डाटा मांगा था, वह उपलब्ध करा दिया गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि दस वर्षों से कृषि प्राविधिक सहायक के पद पर कोई भर्ती नहीं हुई है। अभ्यर्थी भी नई भर्ती के लिए दो आयोगाें के बीच घनचक्कर बने हुए हैं। डाटा के नाम पर पूरी भर्ती को रोककर रखा गया है। ऐसे में कई अन्य अभ्यर्थी भी विज्ञापन के इंतजार में ओवरएज हो रहे हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि आयोग सिर्फ एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। समिति ने सीएम से आग्रह किया है कि मामले में सीधे हस्तक्षेप करें, ताकि अभ्यर्थियाें को राहत मिल सके।