महाकुंभ के दौरान पकड़े गए 40 अपराधियों का डाटा आरपीएफ के हाईटेक सर्वर पर अपलोड कर दिया गया है। जैसे ही इनमें से कोई भी अपराधी जंक्शन की सीमा में प्रवेश करेगा, आरपीएफ कंट्रोल रूम में तत्काल अलर्ट जारी हो जाएगा।
महाकुंभ के दौरान पकड़े गए 40 अपराधियों का डाटा आरपीएफ के हाईटेक सर्वर पर अपलोड कर दिया गया है। जैसे ही इनमें से कोई भी अपराधी जंक्शन की सीमा में प्रवेश करेगा, आरपीएफ कंट्रोल रूम में तत्काल अलर्ट जारी हो जाएगा। यह मुमकिन हुआ है अत्याधुनिक फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक से। प्रयागराज जंक्शन पर लगे 328 कैमरों में से 30 खास कैमरे पलक झपकते ही अपराधी की पहचान कर लेंगे।
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स्क्रीन पर बदमाश का फोटो, उम्र और लंबाई समेत पूरी जानकारी आ जाएगी। आरपीएफ के सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम में पहले से ही दो हजार अपराधियों का डाटा फीड है जिससे अब अपराधियों के लिए जंक्शन पर छिपना नामुमकिन हो गया है। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह व्यवस्था की गई है।