गंगा गैलरी प्रो. मंजू शर्मा की देन
प्रो. मंजू शर्मा जब भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में सचिव थीं, तब उन्होंने तत्कालीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रो. मुरली मनोहर जोशी के सहयोग से नासी में रिवर गैलरी प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। रिवर गैलरी प्रोजेक्ट का अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने मैसूर में कावेरी गैलरी, असम में ब्रह्मपुत्र गैलरी और प्रयागराज में गंगा गैलरी बनवाई।
कई संस्थानों की स्थापना में रही महत्वपूर्ण भूमिका
प्रो. मंजू शर्मा की राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (सीसीएमबी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (एनआईआई) समेत कई संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सीएम मोदी की थीं वैज्ञानिक सलाहकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब प्रो. मंजू शर्मा उनकी वैज्ञानिक सलाहकार थीं। नासी के कार्यकारी सचिव डॉ. संतोष शुक्ला बताते हैं कि प्रधानमंत्री बनने के लिए नरेंद्र मोदी ने प्रो. मंजू शर्मा को गुजरात में रिवर गैलरी बनाने का प्रस्ताव दिया था।
जैव विज्ञान के क्षेत्र में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रो. मंजू शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और विशेष रूप से जैव विज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विविध क्षेत्रों में कई सफल कार्यक्रमों की शुरुआत की और उन्हें बढ़ावा दिया। इनमें बायोमास उत्पादन और रूपांतरण, जैव उर्वरक, प्रकाश संश्लेषण अनुसंधान पर स्थिति रिपोर्ट, विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए पादप ऊतक संवर्धन, बायोस्फीयर रिजर्व, केरल में साइलेंट वैली और इसके संरक्षण पर रिपोर्ट, फसलों में ट्रांसजेनिक अनुसंधान, जर्मप्लाज्म संरक्षण, औषधीय और सुगंधित पौधे, खाद्य जैव प्रौद्योगिकी, नए टीके, मानव आनुवंशिकी आदि शामिल हैं।
विज्ञान, नवाचार और संस्थागत विकास के प्रति अपने अटूट समर्पण के माध्यम से भारत के जैव प्रौद्योगिकी परिदृश्य को बदलने वाली अग्रणी महिला के नुकसान पर हमारे दुख की गहराई को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। प्रो. शर्मा की बुद्धिमत्ता, करुणा, अकादमी की प्रगति के लिए अथक प्रयास की बहुत कमी खलेगी लेकिन वे हमेशा हम सभी के लिए मार्गदर्शक प्रकाश बनी रहेंगी। विज्ञान और मानवता के लिए उनके असाधारण योगदान को हमेशा याद रखा जाए। - डॉ. संतोष शुक्ला, कार्यकारी सचिव, नासी