इलाहाबाद। गंगा और यमुना बृहस्पतिवार को खतरे के निशान पर पहुंच गईं। शहर के निचले इलाके तो पहले से ही बाढ़ की जद में थे, अब नए इलाके भी इसकी चपेट में आ गए हैं। तमाम इलाकों में लोगों ने छत पर शरण ले रखी है। यहां से लोगों का सुरक्षित स्थान के लिए पलायन हो रहा है। राजापुर, ऊंचवागढ़ी, गंगानगर, नेवादा, छोटा बघाड़ा, दारागंज, अल्लापुर, झूंसी, फाफामऊ, छतनाग, करेली, करेलाबाग से बड़ी संख्या में लोग रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
फाफामऊ में गंगा दो सेंटीमीटर और छतनाग में तीन सेंटीमीटर जबकि यमुना ढाई सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही हैं। अनुमान है कि शुक्रवार भोर तक दोनों नदियाें खतरे के निशान को पार कर जाएंगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से शहर के कई इलाकों में बाढ़ राहत शिविर खोल दिए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग शरण लिए हुए हैं। हालांकि वहां अभी तक पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाढ़ वाले मुहल्लों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नावें संचालित किए जाने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी हालात बदतर हो गए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है जबकि सेना से भी बात की जा रही है।
तेजी से बढ़ा जलस्तर
पिछले 26 घंटे के दौरान (शाम छह बजे तक) फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 120 सेमी बढ़कर 84.560 मीटर और छतनाग में गंगा का जलस्तर 113 सेमी बढ़कर 83.900 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, यमुना के जलस्तर में 111 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यमुना का जलस्तर 84.400 मीटर पर पहुंच गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह कहते हैं कि जलस्तर में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। हालांकि फैलाव अधिक होने से इसके बढ़ने की रफ्तार पहले के मुकाबले कम है लेकिन दोनों नदियां उफान पर हैं। मध्य प्रदेश का पानी लगातार दबाव बनाए हुए हैं।
5400 क्यूसेक पानी छोड़ने से हालत हुई गंभीर
शहर में बाढ़ जैसी स्थिति मध्य प्रदेश से छोड़े गए पानी से हुई है। एमपी से 5400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी टोंस नदी से सिरसा में गंगा से मिलकर उफान बनाए हुए हैं, जिससे देश के उत्तरी हिस्सों में हो रही बारिश का पानी यहां पहुंचकर बाढ़ की स्थिति बनाए हुए हैं। स्थिति और खराब होने की संभावना जताई जा रही है।
नए इलाके भी चपेट में
गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार पानी बढ़ने से शहर के कई नए मुहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। छोटा बघाड़ा, दारागंज, सलोरी, शिवकुटी, राजापुर, नेवादा, सरकुलर रोड, गंगानगर, ऊंचवागढ़ी, रसूलाबाद, फाफामऊ, थरवई, झूंसी, छतनाग, करेली और करेलाबाग के इलाके जेके आशियाना, गड्ढा कॉलोनी, मदारीपुर, अंदीपुर, गौसनगर समेत कई निचले इलाकों में मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गंगानगर के पूर्व पार्षद चंद्र प्रकाश ने कहा कि पानी मुहल्ले में बृहस्पतिवार को और घरों में पानी पहुंच गया हैं। नीचे के इलाकों के कई मकान पूरी तरह से डूब गए हैं। जिला प्रशासन लोगों को राहत शिविर पहुंचाने के लिए 18 नाव लगाई है।
राहत शिविरों में लोगों ने ली शरण
बिजली, पानी न होने से लोगों में परेशानी
बाढ़ में फंसे लोग बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत शिविरों में शरण ले रखी हैं। जिला प्रशासन की ओर से छोटा बघाड़ा स्थित एनी बेसेंट स्कूल, ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेली के पास स्थित महफूज अली इंटर कॉलेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, अशोक नगर स्थित स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाए हैं। सिविल डिफेंस के घटना नियंत्रण ऑफिसर रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि महबूब अली इंटर कॉलेज में देर रात तक 250 लोग पहुंच चुके थे। इसमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। शिविर परिसर में लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। लॉज में रह रहे लड़कों को तो दूसरे लॉज में शिफ्ट कराया गया है लेकिन सुरक्षा के नाम पर एक भी पुलिस बल होने से शिविर में रह रहे लोगों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिला प्रशासन से इसकी मांग की गई है। हालांकि डीएम ने राहत शिविरों में बिजली, पानी, शौचालय, दवाइयां एवं खान-पान के दिए जाने के लिए एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार एवं सीएमओ को निर्देश दिया है। उधर, मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने भी बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया और व्यवस्था में लापरवाही न करना का निर्देश दिया।
विद्युत आपूर्ति ठप
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पावर कारपोरेशन ने बाढ़ वाले इलाकों छोटा बघाड़ा, दारागंज, सलोरी, शिवकुटी, राजापुर, नेवादा, सरकुलर रोड, गंगानगर, ऊंचवागढ़ी, रसूलाबाद, फाफामऊ, थरवई, झूंसी, छतनाग, करेली और करेलाबाग समेत कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप कर दी है। जनसंपर्क अधिकारी रामकुंज ने कहा कि ऐसा एहतियात के तौर पर किया गया है। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी ऐसी कटौती हो रही है। कई इलाकों में दो दिन से बिजली नहीं आ रही है।
रिंग रोड पर चहलकदमी पर रोक
डीएम संजय कुमार ने बाढ़ के मद्देनजर बृहस्पतिवार को सलोरी एसटीपी, बक्शी बांध सलोरी बंधा का निरीक्षण कर कई निर्देश दिए। कहा कि जब जलस्तर कम न हो जाए लोग बंधा के रिंग रोड पर चहलकदमी न करें। उन्होंने बाढ़ के पानी निकालने वाले पंपों, राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया।
बजहा पुल डूबा, रास्ता बंद
कौशांबी जाने वाले मार्ग पर जलालपुर घोसी के पास स्थित बजहा का पुल ससुर खदेरी नदी के उफान पर होने से डूब गया है। इससे रास्ता बंद हो गया है। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कांग्रेसी नेता तारिक सईद अज्जू ने जिला प्रशासन से नाव के इंतजाम की मांग की है।
तेज हवाओं के साथ जमकर हुई बारिश
शहर में जहां एक तरफ बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं वहीं बृहस्पतिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोग और परेशान हो उठे। बारिश देर तक होती रही। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल रहा। हालांकि हवाएं कुछ देर बाद तेज चलना बंद हो गईं लेकिन बारिश का सिलसिला देर रात तक बना रहा। इसके पूर्व दिन में भी पूर्व की हवाओं के चलने से बादल आसमान में दिन भर छाए रहे और बारिश
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करे काल
- प्रशासन कंट्रोल रूम 253-2641577
- टोल फ्री नंबर-1077
- बाढ़ नियंत्रण कछ-0532-2641577
---------------------------------------------
खतरे का निशान - 84.734 मीटर
--------------------------------
- जलस्तर की रिपोर्ट (शाम छह बजे तक)
फाफामऊ में - 84.520 मीटर
छतनाग में - 83.840
यमुना नैनी में - 84.360