पीएनपी सचिव बोले
पहले की अपेक्षा डीएलएड में कम छात्र प्रवेश ले रहे हैं। यही कारण है कि करीब 25 डीएलएड कॉलेज संचालकों ने आवेदन कर काॅलेज से इस कोर्स की मान्यता खत्म करने की बात कही है। -राजेंद्र प्रताप, सचिव, उप्र परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज
पिछले वर्ष भी खाली रह गई थीं 1.43 लाख सीटें
वर्ष 2025 में भी यही स्थिति रही। पिछले वर्ष 2,39,500 सीटों के सापेक्ष 1,38, 860 लोगों ने आवेदन किए थे। इसमें 1.25 लाख अभ्यर्थियों ने फीस जमा किए थे लेकिन महज 95,769 अभ्यर्थी ही रहे जिन्होंने कॉलेज में प्रवेश लिया। ये सभी प्रवेश प्रदेश के कुल 3103 प्राइवेट कॉलेज, 66 डायट व राजकीय कॉलेज और 253 अल्पसंख्यक कॉलेजों में हुए थे।