। क्षेत्र में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते अब वैकल्पिक ईंधनों पर संकट आने लगा है। सिलिंडर न मिलने से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक ने कोयले और लकड़ी का रुख किया है, जिसके चलते बाजार में इन ईंधनों की मांग व कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। महज कुछ ही दिनों में कोयले व लकड़ी के दामों में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है।
कुछ समय पहले तक 1600 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला कोयला अब 1800 के पार पहुंच गया है। वहीं लकड़ी 600 से बढ़कर 800 रुपये प्रति क्विंटल है। जानकारों का कहना है कि सिलिंडर की किल्लत के कारण इन ईंधनों की मांग में डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। ईंधन के संकट का सबसे बड़ा कारण इसकी अनियंत्रित खपत भी है। वर्तमान में ईंट भट्ठों पर कोयले की मांग में भी तेजी आई है।
इसके साथ ही सिलिंडर की कमी की वजह से शहर के ज्यादातर रेस्टोरेंट, ढाबों व हलवाई की दुकानों पर अब कोयले एवं लकड़ी का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि यदि सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और परिवहन की बाधाएं दूर नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में कोयले व लकड़ी की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।
गैस सिलिंडर की कमी से कोयले की खपत बढ़ी है। इससे कीमत में तेजी आई। कोयला की मांग से भट्ठी में इस्तेमाल करने वाला कोयला भी महंगा हो गया। अभी और कीमत बढ़ने की उम्मीद है।- शैलेंद्र किशोर,
कोयला कारोबारी
तीन घंटे में खत्म हुए सिलिंडर, उपभोक्ता परेशान
मांडा खास स्थित गैस एजेंसी में आठ दिन बाद सिलिंडर की आपूर्ति हुई, लेकिन मांग अधिक होने के कारण 350 सिलिंडर महज तीन घंटे में ही समाप्त हो गए। भीड़ को देखते हुए वितरण पुलिस की मौजूदगी में कराया गया।
बताया गया कि करीब पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने पहले से बुकिंग करा रखी थी, जबकि आपूर्ति बेहद सीमित रही। सिलिंडर खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा।