राजापुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा, कटरा, अल्लापुर, तेलियरगंज समेत अन्य जगहों पर रहने वाले प्रतियोगी विद्यार्थियों के सामने भी गैस सिलिंडर का संकट है। आपूर्ति बाधित होने कई छात्रों के कमरों पर 15 दिन से चूल्हा नहीं जला।
राजापुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा, कटरा, अल्लापुर, तेलियरगंज समेत अन्य जगहों पर रहने वाले प्रतियोगी विद्यार्थियों के सामने भी गैस सिलिंडर का संकट है। आपूर्ति बाधित होने कई छात्रों के कमरों पर 15 दिन से चूल्हा नहीं जला। उनका कहना है कि भरपेट भोजन न मिलने से पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। किताबें तो खुल रही हैं लेकिन चूल्हे बुझ गए हैं।
विज्ञापन
इन इलाकों में रहने वाले अधिकांश छात्र सीमित संसाधनों में जीवनयापन करते हैं। अधिकांश छात्र कमरे पर ही गैस-सिलिंडर से खाना बनाते हैं। लेकिन, आपूर्ति बाधित होने से उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। छात्रों को होटलों, ढाबों पर बाहर खाना खाना पड़ रहा है। जिस वजह से उनका बजट बिगड़ गया है। इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है।
12 दिन से सिलिंडर खत्म है। दो दिन तक बिना खाए रहना पड़ा। तीन दिन पड़ोसी के सिलिंडर से काम चलाया। गैस कनेक्शन न होने से परेशान होना पड़ा। मजबूरन जौनपुर से सिलिंडर मंगवाना पड़ा। - विष्णुकांत ओझा, एलएलबी छात्र, तिलकनगर।
विज्ञापन
पिछले 20 दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है। ब्लैक में भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। जिस वजह से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। अब घर महोबा लौटने की सोच रहा हूं। - प्रवीन कुमार, प्रतियोगी छात्र, राजापुर।
सिलिंडर खत्म होने से काफी दिक्कत हो रही है। रोजाना बाहर का खाना खाना महंगा पड़ता है। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि रोजाना होटल में खाना खाया जा सके। अधूरे मन से किताबें खुल रही हैं लेकिन भरपेट भोजन न मिलने से पढ़ाई भी नहीं हो पा रही। - शशिकांत राजपूत, छात्र राजापुर।
भूखे पेट पढ़ाई करना बहुत मुश्किल है। कई बार सिर्फ बिस्किट खाकर दिन गुजारना पड़ा। प्रशासन को सिलिंडर आपूर्ति पर जल्द ध्यान देना चाहिए। - हरेंद्र राजपूत, छात्र, सलोरी।
16 मार्च को सिलिंडर बुक किया था। बुकिंग के बाद डीएसी नंबर भी नहीं आया। गैस न मिलने से काफी दिक्कत हुई। दो दिन तक दूध, दही और ब्रेड खाकर गुजारा किया। - अभिषेक, प्रतियोगी छात्र, दारागंज।