इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि देश में साइबर अपराध साइलेंट वायरस की तरह तेजी से फैल रहा है। यह लोगों की गाढ़ी कमाई ही नहीं छीन रहा, बल्कि समाज के विश्वास, सुरक्षा और प्रगति को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि देश में साइबर अपराध साइलेंट वायरस की तरह तेजी से फैल रहा है। यह लोगों की गाढ़ी कमाई ही नहीं छीन रहा, बल्कि समाज के विश्वास, सुरक्षा और प्रगति को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
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इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने नैनीताल बैंक के सर्वर को हैककर 16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी विदेशी नागरिक उमेलाकेई एमेका उर्फ एलेक्स की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। याची पर गौतमबुद्ध नगर के साइबर थाने में धोखाधड़ी, दस्तावेज की कूटरचना, फर्जीवाड़ा, षडयंत्र, साइबर ठगी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज है।
कोर्ट ने कहा कि भारत में डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी तेजी से बढ़ी है। धोखाधड़ी का यह खेल लोगों को अपना शिकार बना रहा है। बैंक का सर्वर हैककर सार्वजनिक धन की हेराफेरी करना गंभीर और जघन्य अपराध है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए आरोपी की समानता के आधार पर जमानत देने की मांग नामंजूर कर दी।
कोर्ट ने कहा कि केवल सह-आरोपियों को जमानत मिलने से किसी आरोपी की भूमिका कम नहीं हो जाती। इस संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट में आरोपी की सक्रिय भूमिका और उसके विदेशी नागरिक होने के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ व फरार होने की आशंका को देखते हुए हाईकोर्ट ने उसे राहत देने से साफ इन्कार कर दिया।