जीशानुल हक सरोजिनी अपार्टमेंट सिविल लाइंस निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप का इनविटेशन आया, जिस पर उन्होंने ज्वाइन कर लिया। इसमें उन्हें एक आईपीओ खरीदने का ऑफर दिया गया। इस ग्रुप का नाम नुवामा सिक्योरिटीज है।
आईपीओ व शेयर ट्रेडिंग के नाम पर जिले के दो व्यापारियों से 40 लाख रुपये हड़प लिए गए। उनसे अलग-अलग बार में 31 व नौ लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में जब निकासी की बारी आई तो उनसे और रुपये मांगे गए। साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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जीशानुल हक सरोजिनी अपार्टमेंट सिविल लाइंस निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप का इनविटेशन आया, जिस पर उन्होंने ज्वाइन कर लिया। इसमें उन्हें एक आईपीओ खरीदने का ऑफर दिया गया। इस ग्रुप का नाम नुवामा सिक्योरिटीज है। इसमें उन्होंने 10 से 28 अगस्त तक अपने आईसीआईसीआई बैंक के खाते से 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उन्हें आईपीओ जारी नहीं किया गया।
दूसरा मुकदमा अनूप कुमार गुप्ता निवासी चक रघुनाथ नैनी ने दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि एक दिन उनके पास व्हाट्सएप से मैसेज आया। मैसेज करने वाली ने अपना नाम केली बताया। कहा कि वह ऐसे स्टॉक सुझाएंगे, जिससे कि आप अच्छा लाभ कमा सकते हैं। उनके बताए कुछ स्टॉक्स खरीदने पर उन्हें लाभ भी हुआ।
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फिर उन्होंने इंस्टिट्यूशनल खाते में ज्यादा लाभ होने की बात कहकर 8.95 लाख रुपये जमा करा लिए। उनका लाभ भी बढ़कर लगभग 40 लाख रुपये हो गया। हालांकि, बाद में निकासी की बात करने पर अलग-अलग बहाने बनाने लगे। चार लाख रुपये भी जमा करने को कहने लगे। तब उन्हें खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ। साइबर थाना प्रभारी राजीव तिवारी ने बताया कि जांच की जा रही है।