इविवि के तमाम विभागाध्यक्षों के नाम पर फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ठगी की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। विभागाध्यक्ष के ई-मेल आईडी से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी तैयार की गई और इसकी आड़ में तमाम शिक्षकों से धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। हालांकि, वक्त रहते मामला सामने आ गया। विभागाध्यक्षों ने इस मामले की शिकायत इविवि प्रशासन के समक्ष दर्ज करा दी है।
अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रशांत घोष के नाम पर फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर किसी ने उन्हीं के विभाग के शिक्षकों के पास अलग-अलग मैसेज भेजे। किसी में कहा गया कि प्रो. घोष अस्पताल में हैं, इसलिए उनकी तरफ से संबंधित शिक्षक एक कंपनी को ऑनलाइन भुगतान कर दें। अस्पताल से लौटने के बाद पैसा चुका देंगे। इसी तरह शिक्षाशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय यादव की फर्जी ई-मेल आईडी से एक शिक्षक के पास मैसेज भेजा गया कि प्रो. यादव अस्पताल में हैं और संबंधित शिक्षक ऑनलाइन भुगतान कर कुछ सामानों की खरीदारी कर लें, बाद में पैसे का भुगतान कर देंगे। इसके अलावा कई अन्य विभागाध्यक्षों के भी फर्जी ई-मेल आईडी से उनके विभागों के शिक्षकों के पास ऐसे ही मैसेज भेजे गए। जब शिक्षकों ने विभागाध्यक्षों के पास फोन किया तो हकीकत सामने आ गई।
इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विभागाध्यक्षों ने शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर तत्काल मैसेज लिखकर भेजा कि इस तरह के ई-मेल पर कोई ध्यान न दें और न ही पलटकर कोई जवाब दें, क्योंिकि इससे उनकी ई-मेल आईडी हैक भी हो सकती है। तमाम विभागाध्यक्षों ने इस घटना के पास अपनी ई-मेल आईडी का पासवर्ड भी बदल दिया लेकिन उन्हें आशंका है कि उनके नाम से फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करने वाले आगे चलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय का कहना है कि कुछ शिक्षकों ने फोन पर उन्हें इस घटना से अवगत कराया है। उन्होंने शिक्षकों से लिखित शिकायत देने को कहा है, ताकि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा सके।