अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई रकम
इसके बाद वह पहले बात करता रहा और फिर डरा-धमका कर अलग-अलग खातों में रकम भेजने के लिए बाध्य करने लगा। महिला का आरोप है कि इस बीच तीन दिन तक उसने घर पर नजरबंद रखा और डराता धमकाता रहा। पहली कॉल 22 अप्रैल को आई जिसमें उनसे दो बार में 23.30 लाख और 48 लाख रुपये जमा कराए गए। 23 को फिर कॉल आई जिसमें दो बार में क्रमश: 30 व 32 लाख रुपये खाते में भेजने को कहा गया। 24 अप्रैल को तीसरी कॉल आई जिसमें 15 लाख रुपये का ट्रांजक्शन कराया गया।
पुलिस ने होल्ड कराया 40 लाख रुपया
भुक्तभोगी महिला के अनुसार रुपये एसबीआई व यस बैंक के दो खातों में ट्रांसफर कराए गए। शनिवार को विदेश में कार्यरत भतीजे के साथ भुक्तभोगी महिला कमिश्नरेट पुलिस के अफसरों के पास पहुंचीं और कार्रवाई की गुहार लगाई। फिलहाल इस मामले में साइबर थाने में कूरियर कंपनी कर्मचारी के खिलाफ रंगदारी मांगने, आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर थाना पुलिस ने एक खाते में ट्रांसफर कराए गए 40 लाख रुपये होल्ड भी कराए हैं। साथ ही टीम जांच पड़ताल में जुटी है।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
यह साइबर अपराध का नया तरीका है। इसमें साइबर ठग लोगों को झूठे इल्जाम लगाकर ब्लैकमेल करते हैं। जब आप उनकी बातों में फंस जाते हैं तो वह पुलिस के बड़े अधिकारी से बात कराने का झांसा देकर अपने ही गिरोह के किसी अफसर से वीडियो कॉल पर बात कराते हैं। इसके बाद शिकार बनाए गए व्यक्ति को इतना डरा धमका दिया जाता है कि वह घबरा जाए।
साथ ही फंसने का डर दिखाकर किसी से संपर्क करने, कॉल करने या घर से बाहर निकलने से भी मना कर दिया जाता है। वह बताता है कि आपका आधार, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट किसी गैरकानूनी काम के लिए इस्तेमाल हुआ है। साथ ही अगर उसकी बात नहीं मानी तो आप कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। इसके बाद वह रुपयों की मांग करता है।