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Cyber Crime : एशियाई देशों के ठगों से मिलकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश

Thu, 31 Jul 2025 01:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एशियाई देशों के ठगों से मिलकर डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठगने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। पांचों आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से कंबोडिया, लाओस, चीन समेत अन्य देशों में बैठे साइबर अपराधियों के लिए काम करते थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic
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विस्तार
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एशियाई देशों के ठगों से मिलकर डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठगने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। पांचों आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से कंबोडिया, लाओस, चीन समेत अन्य देशों में बैठे साइबर अपराधियों के लिए काम करते थे। इसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता था।

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आरोपियों से पुलिस ने तीन वाहन, आठ मोबाइल, 14 सिमकार्ड, पांच चेकबुक, एक एटीएम समेत अन्य सामान बरामद किया है। डीसीपी साइबर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि सितंबर 2024 में धूमनगंज थाना क्षेत्र के मुंडेरा निवासी इंजीनियर हर्ष भट्ट को डिजिटल अरेस्ट कर 28.62 लाख रुपये की ठगी की गई थी। केस दर्ज करने के बाद साइबर पुलिस जांच कर रही थी।

बुधवार को जालौन के उरई माधवगढ़ (वर्तमान पता ग्रेटर नोएडा के मूनकोर्ट जेपी ग्रींस) निवासी कौस्तुभ गुप्ता, सहारनपुर के जनकनगर (वर्तमान पता ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 151 जेपी अमन) निवासी भानू सैनी, दिल्ली के करतार नगर निवासी अनुराग, कानपुर के नौबस्ता खाड़ेपुर योगेंद्र बिहार निवासी शनि झा और इटावा के भरथना सरायमिठ्ठे निवासी हिमांशु कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि उक्त आरोपियों का संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से दक्षिण एशियाई देश लाओस, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम, चीन व थाइलैंड में बैठे साइबर ठगों से था।

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इस तरह चलता है ठगी का खेल

पुलिस पूछताछ में पता चला कि विदेशों में बैठे ठग भारतीय एजेंट्स के माध्यम से लोगों को लालच, धमकी, निवेश, नौकरी, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, बड़े कारोबारी व नेताओं की फर्जी व्हॉट्सएप डीपी लगाकर आदि तरीकों से ठगते हैं। क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से इसका कमीशन एजेंट्स को दिया जाता है।

ऑनलाइन गेम में गवाए थे 40 लाख रुपये

जांच में पता चला कि आरोपी कौस्तुभ ने बारहवीं तक पढ़ाई की है। उसने ऑनलाइन गेम में घर व दुकान के 40 लाख रुपये बर्बाद कर दिए थे। इस सदमे में उसके पिता लखन गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद कौस्तुभ टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों के नेटवर्क से जुड़ गया। उसके साथ चारों अन्य आरोपी भी जुड़ गए। पूछताछ में कौस्तुभ ने बताया कि अलग-अलग खाते से 20 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन कराए थे। इसके एवज में उसे 44 लाख रुपये कमीशन मिला।

पांच आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

डीसीपी ने बताया कि इससे पहले पांच आरोपी कानपुर के हनुमंत विहार निवासी मृदुल कुमार बाजपेई, कल्याणपुर निवासी गगन प्रताप सिंह, बर्रा निवासी हिमांशु वर्मा, हरियाणा के भिवानी कासवां निवासी पवन कुमार और भिवानी निवासी आकाश सांगवान गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
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