इस तरह चलता है ठगी का खेल
पुलिस पूछताछ में पता चला कि विदेशों में बैठे ठग भारतीय एजेंट्स के माध्यम से लोगों को लालच, धमकी, निवेश, नौकरी, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, बड़े कारोबारी व नेताओं की फर्जी व्हॉट्सएप डीपी लगाकर आदि तरीकों से ठगते हैं। क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से इसका कमीशन एजेंट्स को दिया जाता है।
ऑनलाइन गेम में गवाए थे 40 लाख रुपये
जांच में पता चला कि आरोपी कौस्तुभ ने बारहवीं तक पढ़ाई की है। उसने ऑनलाइन गेम में घर व दुकान के 40 लाख रुपये बर्बाद कर दिए थे। इस सदमे में उसके पिता लखन गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद कौस्तुभ टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों के नेटवर्क से जुड़ गया। उसके साथ चारों अन्य आरोपी भी जुड़ गए। पूछताछ में कौस्तुभ ने बताया कि अलग-अलग खाते से 20 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन कराए थे। इसके एवज में उसे 44 लाख रुपये कमीशन मिला।
पांच आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
डीसीपी ने बताया कि इससे पहले पांच आरोपी कानपुर के हनुमंत विहार निवासी मृदुल कुमार बाजपेई, कल्याणपुर निवासी गगन प्रताप सिंह, बर्रा निवासी हिमांशु वर्मा, हरियाणा के भिवानी कासवां निवासी पवन कुमार और भिवानी निवासी आकाश सांगवान गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।