फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र बनाने का आरोपी कैफे संचालक गिरफ्तार।
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फर्जी पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र बनाने वाले साइबर कैफे संचालक दीपक कुमार वैश्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा। उसकी दुकान का उपकरण भी पुलिस ने जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वालों में खलबली मची हुई है।
नगर कोतवाली के महुआर निवासी कुलदीप कुमार गौतम ने पुलिस विभाग का चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 6 अक्तूबर को राजापाल टंकी के पास दीप इलेक्ट्रानिक पर संचालित साइबर कैफे संचालक दीपक से ऑनलाइन आवेदन कराया। उससे निर्धारित फीस से अधिक रुपये भी ले लिए। 17 अक्तूबर को उसे पुलिस विभाग की ओर से जारी चरित्र प्रमाण पत्र साइबर कैफे संचालक ने दिया। जांच करने पर उसका आवेदन लंबित था। उसे फर्जी चरित्र प्रमाण जारी किया गया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी साइबर कैफे संचालक करनपुर निवासी दीपक कुमार वैश्य को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से 17 निर्वाचन स्टीकर, 51 आधार कार्ड , 15 आधार कार्ड की छाया प्रति, 29 आधार कार्ड लेमिनेशन, चार पैन कार्ड, तीन पैन कार्ड की छाया प्रति , 67 लैमिनेशन पाउच, दो ई-श्रम कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक दिव्यांग कार्ड, 41 स्टीकर होल्डिंग पंपलेट , सात फर्जी पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र, दो निर्वाचन कार्ड, सीपीयू- मॉनिटर, लेमिनेशन मशीन बरामद किया। सीओ सिटी प्रशांत राज ने बताया कि पकड़े गए साइबर संचालक ने जन्म, मृत्यु के अलावा अन्य फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इस तरह के कृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
25 हजार के इनामी गैंगस्टर को पकड़ा
नगर कोतवाली पुलिस ने 25 हजार के इनामी गैंगस्टर कंसापट्टी निवासी अरुण सिंह को बुधवार की रात पूरे ईश्वरनाथ के पास से पकड़ लिया। पुलिस को उसकी काफी दिनों से तलाश थी। रायबरेली व नगर कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है।