राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके सीआरपीएफ जवान चमन गिरि ने खुद को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए एसएसपी से मदद की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि पुलिस गांव के ही कुछ लोगों के इशारे पर ऐसा कर रही है। एसएसपी ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
थरवई में उत्तम गिरि चकिया निवासी चमन गिरि सीआरपीएफ में एसआई हैं और वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू काश्मीर के कुपवाड़ा में लगी 98 बटालियन में है। पिछले साल 15 अगस्त को वह राष्ट्रपति से पुलिस मेडल ऑफ गैलेंट्री पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। वह इस समय छु्ट्टी पर घर आए हैं।
शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने शिकायत की 23 जून को गांव के ही कुछ लडक़ों के बीच हुए विवाद में पुलिस ने जबरन उन्हें नामजद कर दिया। जबकि इस झगड़े से उनका कोई लेना देना नहींहै। बताया कि पुलिस ने बलवा, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे में उनका नाम जबरन डाल दिया।
शिकायत पर एसएसपी ने जांच कराने का आश्वासन दिया। उधर मामले में एसओ थरवई भुवनेश चौबे का कहना है कि झगड़े में जो भी भी लोग शामिल थे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में कोई सीआरपीएफ जवान भी है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।