फाफामऊ(इलाहाबाद)। थरवई में पड़िला स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में दरोगा (रेडियो आपरेटर) राबिन रॉय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार भोर में उसे सीढ़ी के रेलिंग में बंधी रस्सी से फंदे पर लटका देख दूसरे जवानों को पता चला तो खलबली मची। अफसर भी वहां आ गए। फिर शव को पोस्टर्माटम के लिए भेजा गया। वहां से शव ट्रेन से पश्चिम बंगाल में उसके घर को रवाना किया गया। खुदकुशी का कारण नहीं साफ हो सका है।
राबिन रॉय (46) पश्चिम बंगाल में कूचबिहार जनपद के रहने वाले थे। 20 मई को उनका तबादला 144 बटालियन श्रीनगर से यहां थरवई में पड़िला स्थित सीआरपीएफ की 224 बटालियन में किया गया था। उसकी तैनाती यहां रेडियो ऑपरेटर के पद पर की गई थी। राबिन ने बुधवार रात मेस में खाना खाया। वह समय से पहले मेस में पहुंच गया था। फिर जाकर बैरक में सो गया था। रोज की तरह भोर में चार बजे मेस का कर्मचारी चाय के लिए जवानों को जगाने के लिए गया तो उसने राबिन को सीढ़ी की रेलिंग में बंधी रस्सी से लटका देखा। कर्मचारी ने शोर मचाया तो वहां भीड़ लग गई। कमांडेंट यूबी मिश्रा भी आ गए। शव को फंदे से उतारकर एसआरएन अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। दोपहर बाद शव को ट्ेन से सिलीगुड़ी ग्रुप सेंटर के लिए रवाना कर दिया गया। जहां से राबिन के कूचबिहार स्थित घर भेजा जाएगा। कमांडेट का कहना है कि राबिन अभी एक माह पहले ही यहां तैनाती पर आाया था। उसने किसी साथी जवान से अपनी किसी दिक्कत के बारे में जिक्र भी नहीं किया था।