फूलपुर के पूरे भुलई स्थित दरगाह पर उर्स के दौरान चादरपोशी करते अकीदतमंद।
- फोटो : Archive
सूफी संत भुलई बाबा के 152वें सालाना उर्स में गुरुवार-शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। चक अब्दुल करीम उर्फ पूरे भुलई गांव स्थित दरगाह पर तीन दिवसीय उर्स मनाया गया। अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर परिवार की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी। दरगाह परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सज्जादानशीन सैय्यद हाफिज सदरूल हसन की देखरेख में रात 12 बजे चादरपोशी और गागर का कार्यक्रम हुआ। उर्स के साथ लगे मेले में बच्चों के खिलौने, झूले और पकवानों की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय प्रशासन ने पेयजल और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की। इससे जायरीन, खासकर महिलाओं व बुजुर्गों को परेशानी हुई। प्राथमिक उपचार और दवा की व्यवस्था भी अपर्याप्त थी। शाम को हुई बारिश ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।