प्रयागराज। पीएफ घोटाले में गिरफ्तार यूपीपीसीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक अयोध्या प्रसाद मिश्र के करीबी ठेकेदार की फर्म गंगा इलेक्ट्रिकल के पांच गोदामों पर हुई छापेमारी में करोड़ों रुपये केपोल व केबल स्क्रैप मिला है। विजिलेंस टीम की जिले में मौजूदगी के दौरान ही10 हजार पोल व केबल स्क्रैप बिजली विभाग के स्टोर को वापस कराए गए। शुक्रवार को इसकी पुष्टि बिजली विभाग के अफसरों ने की। ये इलेक्ट्रिकल पार्ट अलग-अलग टेंडर के दौरान काम कराने के लिए फर्म के नाम पर जारी किए गए थे। कहा जा रहा है कि काम पूरा होने के बाद करोड़ों रुपये के पार्टस् यूपीपीसीए के स्टोर में वापस करने की बजाए फर्म के गोदामों में रखे हुए थे।
यूपीपीसीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद प्रमुख सचिव ऊर्जा से शिकायत की गई थी कि पूर्व एमडी के करीबी की फर्म गंगा इलेक्ट्रिकल के गोदामों पर बिजली विभाग के करोड़ों रुपये के सामान को छिपाकर बेचा जा रहा है। एसपी विजिलेंस के नेतृत्व में दो दिन तक चली जांच के बाद इस इललेक्ट्रिक फर्म के गोदामों से 12 ट्रक बिजली के पोल व केबल स्क्रैप नैनी स्टोर में जमा कराए गए हैं। जांच के दौरान इस फर्म के गोदामों पर मिले इलेक्ट्रिकल सामानों की कीमतों का अभी विजलेंस असेसमेंट कर रही है। लेकिन, कहा जा रहा है कि गोदामों पर करोड़ों रुपये का सामान रखा हुआ पाया गया। एसडीओ स्टोर घनश्याम तिवारी ने बताया कि गंगा इलेक्ट्रिकल के गोदामों की विजिलेंस जांच के बाद चार हजार किग्रा केबल स्क्रैप व छह हजार पोल स्क्रैप यूपीपीसीएल के स्टोर में जमा कराए गए हैं। जांच के दौरान गोदामों पर करोड़ों रुपये के केबल, पोल, तार, खंभा व अन्य सामान रखे हुए थे।
उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देश पर दो दिन पहले इस मामले की जांच के लिए पहुंची यूपीपीसीएल की विजिलेंस टीम ने गंगा इलेक्ट्रिकल के पांच गोदामों पर सघन छानबीन की थी। इस दौरान एसपी विजिलेंस केडी सिंह ने टैगोर टाउन में एसडीओ विजय प्रताप तिवारी समेत कई लोगों के बयान भी लिए थे। इसके अलावा क्लाइव रोड स्थित एच-13 भवन परिसर के अलावा टैगोर टाउन,नैनी एडीए कॉलोनी, गंगोत्री नगर डांडी महेवा, हाशिम रोड स्थित सेरिजेम सेंटर के बेसमेंट के अलावा उसके पीछे वाली रोड पर और यूनाइटेड इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट यूपीएसआईडीसी केसामने वाली रोड पर स्थित गंगा इलेक्ट्रिकल के स्टोर पर विजिलेंस ने जांच की। शासन को शिकायत मिली है कि एपी मिश्रा जब इस शहर में एसडीओ के पद पर तैनात थे, तभी से उनके करीबी रहे अवधेश मिश्रा ने मिलीभगत से करोड़ों रुपये के बिजली विभाग के सामान की हेराफेरी करने के साथ ही बड़े पैमाने पर संपत्तियां अर्जित कीं।
पीएफ घोटाले से विजिलेंस जांच का कोई संबंध नहीं
प्रयागराज। गंगा इलेक्ट्रिकल के मालिक अवधेश चंद्र मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि उनके गोदामों पर विजिलेंस की जांच से पीएफ घोटाले का कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा के साथ बेवजह नाम घसीटा जा रहा है। जबकि, यह सामान्य स्तर की विभागीय जांच विजिलेंस के जरिए कराई गई थी। इस जांच में विजिलेंस को कुछ भी नहीं मिला है।