बीटेक व बीसीए पास दो सदस्य बनाते थे वेबसाइट
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए तीन सदस्यों में से दो बीटेक व बीसीए कर चुके हैं। रत्नेश ने जीआरटी भुवनेश्वर से बीटेक जबकि अभिषेक ने बीसीए की पढ़ाई की है। तीनों दिल्ली में एक कंपनी में काम करते थे। कारोना काल में कंपनी बंद होने पर वह घर से काम करने लगे और इसी दौरान फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। रत्नेश ने ही बाद में अभिषेक को भी वेब पेज डेवलप करने का काम सिखा दिया।
दिल्ली से तेलंगाना तक, देश भर में की ठगी
पुलिस अफसरों ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। इसके सदस्यों ने प्रयागराज के साथ ही उप्र के कई जिलों के अलावा दिल्ली, तेलंगाना, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, कर्नाटका में भी ठगी की घटनाएं अंजाम दीं। इन सभी जगहों पर इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। साइबर थाना पुलिस ने बताया कि शहर के एक व्यापारी से लगभग 18 लाख की ठगी हुई थी। इनमें से 8.39 लाख रुपये पूर्व में ही वापस कराए जा चुके हैं जबकि आरोपियों के खातों में मौजूद लगभग 10 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है।
यह हुई बरामदगी
दो वाई-फाई सेट, तीन लैपटॉप, 10 मोबाइल, एक पासपोर्ट, छह चेकबुक, चार पासबुक, 26 एटीएम कार्ड व अन्य सामान