दारागंज इलाके में परेड मैदान पर सोमवार सुबह 26 साल के मानस पांडेय ने खुद को गोली मार ली। उसने ही लोगों को अपना नाम-पता बताया। पुलिस उसे अस्पताल ले गई जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। वह रीवा जनपद से आकर यहां दारागंज में अपने फूफा के पास रहता था। उनकी भांग की दुकान में वह बैठता भी था। परिजनों से बातचीत के बाद पुलिस को शक है कि खुदकुशी के पीछे आशनाई रही है।
मानस पांडेय उर्फ लालू (26) रीवा के मनगवां इलाके में रहने वाले सुनील पांडेय के तीन बेटों में मंझला था। वह लंबे समय से यहां दारागंज में रहने वाले अपने बुआ-फूफा आरती दुबे और गुलाब दुबे के पास रहता था। फूफा गुलाब की लीडर रोड पर मोती महल के निकट सरकारी भांग की दुकान है। लालू भी दुकान में बैठता था। वह 24 जून को रीवा में अपने घर गया था। दूसरे दिन वहां से फूफा के पास लौट आया। रविवार शाम से वह घर से निकला तो फिर लौटा नहीं। थाना प्रभारी दारागंज बालेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब सात बजे लोगों ने परेड मैदान में रखे तमाम पीपा के पास लालू को घायल पड़ा देखा। उसके पेट में गोली लगी थी। पास में ही 315 बोर का तमंचा और एक चाकू पड़ा था। लालू ने लोगों से कहा कि उसने खुद को गोली मारी है। उसने फूफा का नाम और मोबाइल नंबर बताकर कहा कि उन्हें घटना की जानकारी दे दी जाए।
दारागंज पुलिस वहां पहुंची और पेट में गोली धंसने से घायल लालू को एसआरएन अस्पताल ले गई। वहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसके बुआ-फूफा समेत दूसरे रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। दोपहर में रीवा से पिता समेत परिवार के लोग भी आ गए। लालू के पास मिले तमंचे में एक गोली फंसी थी। पहला फायर मिस होने के बाद उसने दूसरी गोली खुद को मारी थी। पिता ने बताया कि लालू फोन पर किसी से देर तक बात करता रहता था। ऐसे में शक है कि उसका किसी लड़की से अफेयर था। लालू का एक भाई तीन साल से लापता है। अब उसकी मौत से परिजन गमगीन हैं।