दारागंज में कच्ची सड़क पर रहने वाले युवक की शुक्रवार को संदिग्ध हाल में हुई मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने ही वारदात को अंजाम दिया। आक्रोशित घरवालों ने दिन भर शव नहीं उठने दिया। देर शाम पुलिस के समझाने पर वह शांत हुए और तब शव पीएम के लिए भेजा गया। खबर लिखे जाने तक घरवाले थाने पर जुटे थे।
दारागंज के कच्ची सड़क निवासी रितेश उर्फ रिक्की की 27 फरवरी को हत्या करने के बाद शव जला दिया गया था। झुलसी हुई हालत में शव प्रयागघाट स्टेशन के पास मिला था। पुलिस ने इस मामले में पड़ोसी संजय समेत चार लोगों को जेल भेजा था। संजय की 24 अक्तूबर को नैनी जेल के भीतर हार्टअटैक से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव घर लाया गया तो परिजन आक्रोशित हो उठे। तभी कुछ लोगों ने पड़ोस में ही स्थित मृतक रितेश के घर पर धावा बोलकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। रितेश की मां व बहनों का कहना है कि उन्होंने घर से भागकर जान बचाई। दहशत में रात भर घर से बाहर रहने के बाद सुबह वह घर पहुंचीं।
इसके बाद पता चला कि पड़ोस में रहने वाले ताऊ का बेटा कल्लू घर के भीतर मृत पड़ा है। रितेश की बहन रजनी का आरोप है कि पड़ोस के ही कुछ लोगों ने कल्लू को घर में घुसकर मार डाला और शव तख्त के नीचे डालकर भाग निकले। उनका कहना था कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करे। उधर, दारागंज पुलिस का कहना है कि उसे ऐसे किसी मामले की जानकारी ही नहीं मिली। इस तरह शाम तक कल्लू का शव घर में ही पड़ा रहा। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाया तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। साथ ही परिजनों को तहरीर देेने के लिए थाने बुलाया गया। खबर लिखे जाने तक तहरीर लिखी जा रही थी। सीओ दारागंज आदेश कुमार त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा लिखा जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।