धूमनगंज इलाके के झलवा में रविवार भोर में हनुमान मंदिर परिसर अपराधी प्रवृत्ति के मनोज पासी की चापड़ से हत्या कर दी गई। मार्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा तो नकाबपोश कातिल धमकियां देते भाग गए। पुलिस का कहना है कि पुताई का काम करने वाले मनोज पर चोरी समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। शक है कि गिरोह के ही बदमाशों ने आपसी झगडे में उसका कत्ल किया। धूमनगंज थाने की पुलिस ने पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया है।
मूल रूप से पिपरी में खटांगी गांव निवासी स्व शीतला प्रसाद के पांच पुत्रों में मनोज उर्फ आशीष पासी तीसरे नंबर पर था। सबसे छोटा अरविंद खटांगी का प्रधान है। एक भाई सुरेश कुमार जिला अदालत में वकील हैं। वह परिवार सहित कालिंदीपुरम कॉलोनी में रहते हैं। मनोज भी पहले उनके पास रहता था। मगर करीब डेढ़ साल से वह पत्नी रीना और दो बेटों के साथ गांव में ही रहने लगा था। मां संतरा देवी भी गांव में रहती है। मनोज के बारे में परिवार के लोगों ने कहा कि वह पुताई का काम करता था जबकि धूमनगंज थाना प्रभारी अरुण त्यागी के मुताबिक, वह चोरी समेत दूसरी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। चोरी की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया। धूमनगंज थाने में ही मनोज के खिलाफ चोरी और नशीले पदार्थ के सात मामले हैं। सिविल लाइंस और कोतवाली में भी आठ-नौ केस दर्ज हैं।
मनोज शनिवार को गांव से शहर आया मगर भाई सुरेश के घर नहीं गया। रविवार भोर में टहलने निकले लोगों ने कौशाम्बी मार्ग किनारे झलवा पेट्रोल पंप के निकट बने हनुमान मंदिर के पीछे चार नकाबपोशों को देखा। वहीं युवक खून से लथपथ पड़ा था। नकाबपोशों ने टहलते हुए उधर आए लोगों को धमकाया और भाग गए। फिर 100 नंबर पर खबर दी गई। धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची तो वहां मनोज का रक्तरंजिश शव पड़ा था। उसके माथे और सिर पर धारदार हथियार और ईट से वार किए गए थे। पास में ही चिलम भी पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिंक टीम को भी बुलाया जिसने खून का नमूना लिया तथा कुछ और साक्ष्य जुटाए। पुलिस मान रही है कि कत्ल में मनोज के अपराधी साथियों का हाथ है। सभी रात में मंदिर के पीछे साथ बैठे थे। तभी नशे में झगड़ा हुआ तो मनोज को मारकर साथी भाग गए।
‘परिवार के लोग कातिलों के बारे में कुछ बता नहीं सके हैं। मनोज चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। संभव है कि चोरी का माल बांटने केविवाद में साथियों ने ही कत्ल किया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।’
-श्रीशचंद्र, सीओ सिविल लाइंस