लूकरगंज इलाके में अंजलि धूरिया (23 ) ने अपने मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी की खबर मोहल्ले में हुई तो कोहराम मच गया। सभी का रो रो कर बुरा हाल था। खुल्दाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खुल्दाबाद थाने के लूकरगंज की अंजलि के पिता लखनलाल और मां की कई साल पहले मौत हो गई थी। लखनलाल के तीन बड़े बेटे और चौथे नंबर की बेटी अंजिली है। तीन साल पहले भाइयों ने उसे बीए कराया था। पिछले साल से उसकी शादी के प्रयास किए जा रहे थे। वह छह महीने से डिप्रेशन में थी। दो सप्ताह से तो वह भाइयों और भाभी से कम बात करने लगी थी। दो तीन दिन से तो उसने बड़े भाई शंकर की पत्नी से बात करना बंद कर दिया था। बुधवार की सुबह कुछ भी नहीं खाया और किसी से बात नहीं कर रही थी।
बड़े भाई शंकर ने बताया कि अंजलि दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद मकान के ऊपर बने कमरे में गई थी। लगता है कि उसी समय उसने खुदकुशी की होगी। शंकर की पत्नी करीब तीन बजे किसी काम से ऊपर वाले कमरे में गई और कमरा खुलवाने के लिए दरवाजा खटखटाया। दरबाजा नहीं खुला तो उनको शक हुआ और शंकर को यह जानकारी दी गई। पत्नी की खबर पर शंकर तुरंत घर पहुंचा और दरवाजा तोड़कर घुसा तो पता चला कि अंजिल फंदे से लटकी हुई है। पंखे के कुं दे में दुपट्टे का एक हिस्सा और दूसरा हिस्सा उसकी गर्दन में फंसा हुआ था। उसी समय अंजलि को फंदे से उतार लिया गया। कुछ देर बाद सूचना मिलने पर पहुंची खुल्दाबाद थाने की पलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।