जमीन के विवाद में सोरांव तहसील दिवस में खास रामपुर गांव की गहरही देवी नामक महिला ने आत्मदाह की कोशिश की। उसने मिट्टी का तेल छिड़क लिया था लेकिन आग लगाने से पहले सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। महिला के अचानक इस तरह से आत्मदाह की कोशिश से वहां हड़कंप मच गया। एसडीएम ने महिला को समझाने के साथ उसके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्हाेंने दोनों पक्षों को बुधवार को बुलाया है। मामला शांत होने के बाद तहसील दिवस की कार्रवाई जारी रही और शिकायतें सुनी गईं।
तहसील दिवस की कार्रवाई के दौरान महिला ने आत्मदाह की चेतावनी देते हुए अचानक मिट्टी का तेल छिड़क लिया। उसके हाथ में माचिस भी थी लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने छिन ली। महिला का कहना था कि पट्टे पर मिली जमीन पर रामसजीवन नामक व्यक्ति ने कब्जा जमा लिया है। उन्होंने पूर्व में कई बार तहसील में शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे क्षुब्ध होकर उसने यह कदम उठाया। महिला को पकड़कर थाने ले जाया गया। एसडीएम शिवानी सिंह भी साथ में रहीं। उन्होंने तहसील कर्मियों की टीम संबंधित गांव भी भेजी और जमीन का नाप-जोख कराया। एसडीएम ने बताया कि महिला को पट्टे पर जमीन दी गई है लेकिन उसने 30 से 40 हजार रुपये लेकर जमीन रामसजीवन को दे दी। अब कर्ज वापस कर वह जमीन की मांग कर रही है लेकिन रामसजीवन उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। एसडीएम ने बताया कि जमीन पर अब भी रामसजीवन का कब्जा है। दोनों पक्षों को बुधवार को बुलाया गया है।
बीडीओ, एडीओ समेत कई को प्रतिकूल प्रविष्टि
इलाहाबाद। लगातार निर्देशों और सख्ती के बावजूद शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बनी हुई है। बारा और करछना संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस का परिवर्तित नाम) में पहुंचे मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल ने अफसरों को इस पर फटकार लगाई। सफाई कर्मियों की ग्रामीण क्षेत्र के अलावा कहीं और ड्यूटी लगाए जाने की शिकायत पर उन्होंने बीडीओ करछना और एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। जनप्रतिनिधियों ने 100 नंबर की गाड़ी के सिपाहियों पर वसूली का आरोप लगाया। मंडलायुक्त ने सीओ करछना को जांच का निर्देश दिया। फोन न उठाने की शिकायत पर उन्होंने बिजली विभाग के करछना के अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की। उन्होंने अभियंता एसपी सिंह के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। जनुसनवाई में लापरवाही पर मंडलायुक्त ने बारा के एसडीएम को फटकार लगाई। साथ में आरआई प्रतिमा द्विवेदी तथा लेखपाल जवाहर लाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। उन्होंने दोनों तहसील के अफसरों को शिकायतों के निस्तारण में तत्परता दिखाने की हिदायत दी।