आठ साल की छाया की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या की घटना ने लोगों को दहला दिया। महिलाएं तो हैवानियत से इस कदर सदमे में डूबीं कि रोने लगीं। वे ऐसी बेरहमी करने वाले लोगों को फांसी पर लटका देने की मांग कर रही थीं। हैवानियत का शिकार बालिका की बहन और चाचा के परिवार के लोग भी बिलखते रहे। बालिका के साथ ऐसी क्रूर वारदात ने गांव के लोगों को भारी गम में डुबो दिया है। वे व्यथित और आक्रोशित हैं।
रविवार सुबह छाया (नाम काल्पनिक) की खेत में लाश मिलने की खबर फैली तो कुछ ही देर में खेत के चौतरफा सैकड़ों महिलाएं-पुरुष जमा हो गए। बालिका का लहूलुहान शव देख हर शख्स सिहर उठा। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी घटना के बारे में जानकर दुखी थे। मगर गांव की लड़कियां और महिलाएं तो मानो बदहवास हो गई। महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ऐसी शर्मनाक और बेरहमी करने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि गांव में फिर कभी कोई ऐसी हरकत करने की सोच भी नहीं पाए। आंसू बहाती महिलाओं ने बालिका के घरवालों को भी सांत्वना दी कि ऊपरवाला कुकर्म करने वालों को खुद उनके किए की सजा देगा। छाया का पिता तो मानो सुधबुध खो बैठे। वह शांत रहे मगर उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने गुस्साए लोगों को यह भरोसा देकर मनाया कि सभी कातिलों को सजा मिलेगी।
बालिका की रेप के बाद हत्या की खबर मिलने पर सपा जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव भी साथी पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हैवानियत की शिकार बालिका के पिता समेत परिवार के लोगों को सांत्वना दी। साथ ही वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा कि कातिलों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने डीएम भवनाथ सिंह से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। भरोसा दिया कि शासन स्तर से भी वह आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। सपा जिलाध्यक्ष के साथ जिला महासचिव दिनेश पटेल, विनय कुशवाहा, वजीर खान, दानबहादुर मधुर, रामप्रताप यादव, द्वारिका कुशवाहा आदि मौजूद रहे।