फर्जी स्कूलों के खिलाफ शुक्रवार को प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। डीएम के निर्देश पर चायल क्षेत्र में प्रशासन की टीम ने ताबड़तोड़ छापामारी कर 13 स्कूलों को सील कर दिया। यह सभी बगैर मान्यता के संचालित हो रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से फर्जी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दो सौ से अधिक परिषदीय स्कूल बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर महीनों पहले बीएसए ने सभी को नोटिस जारी कर स्कूल में ताला बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी संचालकों ने स्कूल नहीं बंद किया तो डीएम ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
इस पर भी खास सफलता नहीं मिली। बमुश्किल आधा दर्जन स्कूलों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकी। इस बीच खबरें मिलीं कि विभागीय अफसर सांठगांठ कर स्कूलों का संचालन करा रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद शुक्रवार को एसडीएम ने चरवा और पिपरी थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही क्षेत्रीय खंड शिक्षाधिकारियों को लेकर अभियान चलाकर छापामारी की। इस दौरान बगैर मान्यता के संचालित13 विद्यालयों से बच्चों और टीचरों को बाहर करते हुए सील कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में खलबली है।
इन स्कूलों के खिलाफ हुई कार्रवाई-
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सक्सेज पब्लिक स्कूल चायल।
एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल मनौरी।
एनडी कानवेंट स्कूल चरवा खुर्द।
सरस्वती शिशु ज्ञान मंदिर कसेंदा।
सरस्वती शिशु मंदिर गिरिया खालसा।
एसजीएस पब्लिक स्कूल सैयद सरावां।
एजीएम पब्लिक स्कूल गिरिया खालसा।
राजकली जूनियर हाईस्कूल राजा का पुरवा।
रामबहादुर जूनियर हाईस्कूल सालिक का पुरवा।
बाब संत सरयू प्रसाद जूनियर हाईस्कूल मनौरी।
सराज विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय चरवा।
सेंट जूलियस कानवेंट प्राथमिक विद्यालय चरवा।
सुरेश नारायण जीवन ज्योति नर्सरी एवं जूहा. बबुरा मोड़, चायल।