क्राइम सीरियल और फिल्मों से तरीका सीखकर वारदात अंजाम देने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। अब शहर में पिछले माह हुए एक नौजवान कारोबारी के कत्ल में भी पुलिस का अनुमान है कि उसने बालीवुड की थ्रिलर फिल्म देखकर बेहद शातिराना ढंग से यह मर्डर किया। पुलिस मान रही है कि इस वारदात की साजिश पिछले साल रिलीज अजय देवगन की फिल्म दृश्यम को देखकर रची गई थी। फिलहाल अपराधी का तो सुराग नहीं लग सका है लेकिन जांच के दौरान सामने आया कत्ल का तरीका और कातिल की चालाकी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
बेहद सुनियोजित तरीके से मारे गए युवक का नाम है मोहम्मद नाजिम उर्फ शेबू। शहर के पुराना कटरा का रहने वाला था 25 साल का नाजिम। मां-बाप का इकलौता पुत्र था वह। उसने कटरा में ही नेतराम चौराहा के निकट रेडीमेंट गारमेंट्स शॉप खोल रखी थी। पिता मंजूर अहमद आबकारी विभाग में ड्राइवर हैं। नौ फरवरी की वह काली रात नाजिम के माता-पिता जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। वह मंगलवार का दिन था। रात करीब नौ बजे नाजिम घर में यह बताकर निकला कि वह एक शादी समारोह में करेली जा रहा है। वह बाइक से नहीं निकला। एक दोस्त ने उसे कचहरी टैक्सी स्टैंड पर छोड़ दिया था। फिर रात करीब सवा दस बजे धूमनगंज में नीमसराय कॉलोनी की एक गली से वह जीटी रोड पर आकर गिर गया। उसकी मौत हो गई।
सीने पर सुराख से पुलिस ने भांप लिया कि यह कत्ल का मामला है। जेब में मिले वोटर आईकार्ड से नाजिम की पहचान हो सकी थी। अब तक पुलिस इस रहस्यमय हत्याकांड को सुलझा नहीं सकी है। पुलिस ने नाजिम के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो चौंकाने वाली बात सामने आई। उस रोज नाजिम की बात एक मोबाइल नंबर पर कई बार हुई थी। उस रात नाजिम के मोबाइल की लास्ट लोकेशन कत्ल वाले इलाके में ही थी जबकि दूसरे नंबर की लोकेशन भी कटरा से होते हुए खुल्दाबाद तक पहुंची। पुलिस ने सिम की आईडी हासिल की तो वह चित्रकूट के किसी व्यक्ति के नाम से थी लेकिन वह नहीं मिला। फिर पुलिस ने मोबाइल की आईएमईआई नंबर के जरिए छानबीन की। उसमें घटना के कुछ दिन बाद दूसरा नंबर चालू था। मोबाइल की लोकेशन बिहार में पटना के पास मिलने पर पुलिस चकरा गई। पुलिस ने उस मोबाइल में घटना के बाद लगे नए सिम की आईडी के सहारे फतेहपुर जनपद के एक युवक को पकड़ा तो पुलिस को मानना पड़ा कि कातिल जो भी है, शातिर दिमाग है और उसने दृश्यम फिल्म की तर्ज पर यह वारदात की है।
यह युवक ट्रक ड्राइवर था। उसने बताया कि वह कानपुर से माल लदा ट्रक लेकर बिहार पहुंचा तो नोकिया का यह सस्ता मोबाइल उसे ट्रक के केबिन में पड़ा मिला। उसकी बैट्री और कवर नदारद था। ड्राइवर ने माइक्रोमैक्स की बैट्री खरीदी। फिर मोबाइल में अपना सिम लगाकर ऑन कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने ट्रक चालक को रिहा कर दिया था। अनुमान है कि कातिल ने घटना से कुछ देर बाद सिम और बैट्री निकालकर वह मोबाइल चौफटका के आसपास जीटी रोड से गुजरते उस ट्रक में फेंक दिया था। ठीक ऐसा ही किया था दृश्यम फिल्म में कत्ल का गुनाह छिपाने के लिए अभिनेता अजय देवगन ने। कातिल ने इतनी ही चालाकी नहीं की। जांच में मोबाइल फोन भी चोरी का निकला।
नाजिम हत्याकांड से रहस्य का परदा हटाने को तहकीकात कर रही पुलिस ने उस मोबाइल के बारे में जांच की जिसमें लगे रिलायंस नंबर पर नाजिम से बात होती थी। पता चला कि वह मोबाइल ममफोर्डगंज में रहने वाली एक युवती का है जो घरों में काम करती है। पुलिस उस तक जा पहुंची। उसने बताया कि उसका मोबाइल अगस्त महीने में गिर गया था। फिर यह मोबाइल ऑन हुआ जनवरी में। उसमें रिलायंस का सिम लगाकर नाजिम से बात की जा रही थी। इसमें भी दो खास बात। एक तो यह कि उस नंबर से सिर्फ नाजिम से बात की गई। दूसरी बात यह कि नाजिम नहीं फोन करता था बल्कि हमेशा उसी नंबर से कॉल आती थी। पुलिस तो मान रही है कि दूसरे नंबर से कोई लड़की ही नाजिम से बात करती थी। मगर वह कौन थी? यह रहस्य बना है।
कहीं ऐसा तो नहीं कि लड़की को ढाल बनाकर इस शातिर अंदाज में में यह कत्ल किया गया? जनवरी में कुछ दिन ऑन रहने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। फिर यह मोबाइल घटना से कुछ दिन पहले ऑन हुआ था। कत्ल का नीमसराय कनेक्शन भी पुलिस नहीं खंगाल सकी है। पुलिस ने दो दिन पहले कटरा की एक युवती को हिरासत में लिया जिससे नाजिम का रिश्ता था। हालांकि दो दिन की पूछताछ में कुछ भी नहीं निकला। करेली की लालबाग कॉलोनी से एक लड़के को भी उठाया गया। शनिवार को उन दोनों को छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष धूमनगंज बृजेश द्विवेदी का कहना है कि कातिल कितना भी चालाक हो लेकिन कानून के फंदे से वह ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकेगा।