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बदनाम गलियों में होता रहा है खून-खराबा

Mon, 02 May 2016 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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देह व्यापार की ‌श‌िकायत पर छापेमारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मीरगंज की बदनाम गलियां पुलिस के सिरदर्द बन गई थी। जिस्मफरोशी के धंधे के लिए मशहूर यहां कि गलियों कई बार कत्ल, लूट, छिनैती जैसी घटनाएं हुई। यहां के व्यापारियों, समाजसेवी संगठनों और इलाके के लोगों ने कई बार पुलिस और जिला प्रशासन से इसे हटाने की गुहार लगाते रहे। लेकिन पुलिस और प्रशासन का प्रयास हर बार नाकाफी साबित हुआ। रविवार रात पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई से समाजसेवी संगठनों और इलाके कारोबारियों में खासी खुशी है। लेकिन उन्हें एक बात की टीस है कि हर बार की तरह दोबारा यह मंडी गुलजार न हो जाए। 
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तीन साल पहले सितंबर 2013 में मुस्कान नामक एक तवायफ से कहासुनी के बाद उसके प्रेमी फैसल ने दो आईटीबीपी जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी। देह व्यापार के लिए मशहूर इस इलाके में दो जवानों की गोली मारकर हत्या के बाद मीरगंज का रेड लाइट एरिया पूरे देश की सुर्खियों में आ गया था। पुलिस ने हत्यारोपी फैसल को तो गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मुस्कान आज तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आई। लगभग एक साल पहले 2015 में मीरगंज की इन्हीं गलियों में देह व्यापार से जुड़ी एक युवती की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद चर्चा थी कि विवाद के ग्राहक तवायफ का कत्ल कर भाग गया होगा। लेकिन पुलिस के छानबीन के बाद पता चला कि उसकी हत्या जिस्मफरोशी के धंधे से जुड़ी युवती ने कराया था। वजह थी युवती उससे अधिक खूबसूरत होना। जिसके चलते उसकी आमदनी ज्यादा होती थी। लगभग आठ साल पहले एक फौजी को कोतवाली पुलिस ने इस गली से पकड़ा था। शर्मसार फौजी ने बदनामी के डर से आत्महत्या कर ली थी। जिस्मफरोशी के धंधे में धोखे से लाई गई नाबालिग और बालिग लड़कियों के कोठे से भागकर पुलिस तक पहुंचाने की तो दर्जनों घटनाएं सामने आई थी।
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पूछताछ में पता चलता कि उनकी गरीबी का फायदा उठाकर दलाल नौकरी के नाम पर लाते और कोठे पर बिठा देते थे। यहां लाकर उन्हें देह बेंचने के लिए मजबूर किया जाता था। उनके सामने भागने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं सूझता था। वहीं तमाम युवतियां इस दलदल में फंसने के बाद दोबारा बाहर नहीं निकल पाती थी। मजबूर होकर उन्हें इस धंधे को अपनी जिंदगी बनाना पड़ जाता था। यहां के सराफा और दूसरे कारोबारियों के लिए रेड लाइट एरिया मुसीबत का सबब बना हुआ था लेकिन मजबूर थे। रविवार को हुई कार्रवाई से चौक के व्यापारियों के  चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। लेकिन दबी जुबान कारोबारियों ने यह भी कहा कि कहीं पुलिस क ाली कमाई के चक्कर दोबारा इस धंधे को आबाद न करा दे। 
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