यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में आयोजित संगोष्ठी में शामिल होने गए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू को बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने वीसी से विभिन्न मुद्दों पर वार्ता करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। इससे गुस्साएं कार्यकर्ताओं ने वीसी को करीब ढाई घंटे कार्यक्रम स्थल पर बंधक बनाए रखा। बाद में पुलिस ने उनको जीप में बिठाकर बाहर निकाला।
ईसीसी में आयोजित गोष्ठी में वीसी प्रो.हांगलू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। सुबह करीब साढ़े दस बजे वीसी कॉलेज पहुंचे। इस बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार, तानाशाही, नियमित कक्षाओं का संचालन न होने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर क्रमिक अनशन कर रहे एबीपीवी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। एबीवीपी के कार्यकर्ता रजनीश सिंह ‘रिशु’ एवं सूर्य प्रकाश मिश्रा ने वीसी से इस संबंध में वार्ता करने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि वार्ता करने के बजाए वीसी कार्यक्रम छोड़कर बाहर जाने लगे। वीसी को रोकने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं की वीसी से तीखी बहस भी हुई। इस बीच वहां बड़ी संख्या में छात्र जुट गए। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। मामले की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस कॉलेज पहुंचे। हंगामे के बीच पुलिस ने वीसी को किसी तरह छात्रों के बीच से निकाला और पुलिस वैन में बिठाकर बाहर किया। वीसी को लेकर पुलिस वैन आगे बढ़ी तो छात्र उसके पीछे दौड़े। इस बीच गाड़ी की चपेट में आने से सूर्य प्रकाश मिश्र घायल हो गए। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस हंगामे के बाद शाम को वीसी आवास पर शिक्षकों एवं विवि के प्रशासनिक अफसरों की आपात बैठक हुई, जिसमें घटना की निंदा की गई। बैठक के बाद आटा के अध्यक्ष एवं इविवि के प्रॉक्टर प्रो.राम सेवक दुबे, महामंत्री प्रो.एसएम प्रसाद, ऑक्टा के अध्यक्ष सुनील कांत मिश्र, रजिस्ट्रार प्रो.एनके शुक्ला, डीएसडब्ल्यू प्रो.हर्ष कुमार, प्रो.पंकज कुमार के नेतृत्व में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त डॉ.आशीष गोयल से मुलाकात कर विधिक कार्रवाई की मांग की। शिक्षकों ने बताया कि विश्वविद्यालय में वीसी और शिक्षकों को काम नहीं करने दिया जा रहा है। वहां शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती की मांग की। प्रॉक्टर के मुताबिक मंडलायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को इस मामले में एसएसपी से बात करने और परिसर में शांति व्यवस्था बनाने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
ईसीसी में उपद्रव करने वाले छात्रों के खिलाफ प्राचार्य डॉ.एम मैसी ने मुट्ठीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें ईसीसी छात्रसंघ के महामंत्री उत्कर्ष केसरवानी, इविवि के छात्र रजनीश सिंह और सूर्य प्रकाश मिश्र समेत दर्जनों अज्ञात छात्र शामिल हैं। ईसीसी में हुई घटना के बाद इविवि के वीसी प्रो.रतन लाल हांगलू के इस्तीफे की चर्चा भी गरम हो गई। यह भी चर्चा रही कि वीसी ने इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी पत्र लिखा है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। वीसी से इस मामले में बात की गई लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा कि हंगामा करने वाले विवि के छात्र नहीं है। वे सभी बाहरी हैं। हंगामा करने वाले ही इस्तीफे की अफवाह फैला रहे हैं। उधर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार वीसी की तरफ से इस्तीफे का कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
ईसीसी में हुई घटना के बाद इविवि के प्रॉक्टर प्रो.रामसेवक दुबे ने बुधवार को वीसी को अपना त्यागपत्र भेज दिया। इसमें उन्होंने कहा कि प्रॉक्टर रहते शैक्षणिक कार्य बाधित हो रहा है। ऐसे में पद से त्यागपत्र दे रहा हूं। हालांकि, प्रॉक्टर ने इसे व्यक्तिगत कारण बताया, लेकिन माना जा रहा है कि आए दिन विवि में हंगामा और शिक्षकों के अपमान से व्यथित होकर उन्होंने त्यागपत्र दिया है। ईसीसी में हंगामे के बाद बुधवार शाम को इविवि एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से मुलाकात की, लेकिन शिक्षक मंडलायुक्त की ओर से दिए गए आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे। ऐसी स्थिति में बृहस्पतिवार को दिन में दो बजे सीनेट हाल में बैठक बुलाई गई है, जिसमें आटा, ऑक्टा समेत अन्य शिक्षक संघ, विवि, महाविद्यालय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
वीसी प्रो.रतन लाल हांगलू ने बुधवार को हुई घटना की ईसीसी के प्राचार्य डॉ.एम मैसी तथा इविवि के प्रॉक्टर प्रो.राम सेवक दुबे से रिपोर्ट मांगी है। वीसी यह रिपोर्ट मंत्रालय को भेजेंगे। उधर, उन्होंने् इस मामले में एसएसपी से भी बात की। इस दौरान एसएसपी ने वीसी को बृहस्पतिवार से अलग स्कार्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
ईसीसी में हुई घटना के बाद एबीवीपी की आपात बैठक हुई। इसमें विवि की चिंताजनक स्थिति पर गहन मंथन किया गया। बैठक में छात्रनेता रजनीश सिंह ‘रिशु’ ने आरोप लगाया कि वीसी अराजकता की सारी सीमा पार कर गए। एबीवीपी की 12 सूत्रीय मांगों एवं परिषद के कार्यकर्ताओं की प्रताड़ना बंद न हुई तो जल्द ही वीसी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। कहा कि परिषद इविवि को लेकर काफी गंभीर है और लगातार मंत्रालय के संपर्क में है तथा यहां की वस्तुस्थिति से अवगत भी करा रहा है। बैठक के बाद एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी ने पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह घटना विवि के लिए काला दिन है।