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उमेश का आरोप-अतीक , अशरफ, हमजा ने धमकाया

Thu, 28 Jan 2016 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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जिला अदालत में पेशी के दौरान बुधवार को न्याय भवन की दूसरे तल पर राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल और पूर्व सांसद अतीक अहमद के समर्थकों में टकराव हो गया। झड़प के दौरान मारपीट की नौबत आ गई। यह झड़प उस दौरान हुई जब उमेश अपने अपहरण के मामले में पेशी पर आया था। हल्ला मचा कि दोनों तरफ से पिस्टल निकल आए हैं। अतीक के चचेरे भाई हमजा उस्मान और उमेश के बीच तीखी कहासुनी हुई। 
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उमेश का आरोप है कि अतीक और अशरफ की मौजूदगी में हमजा ने कई लोगों के साथ घेरकर उन्हें पीटा जिससे वह जख्मी हुए। उन्हें पिस्टल सटाकर धमकी दी गई कि गवाही देने पर जान से मार दिया जाए।  पुलिस बल ने किसी तरह उन्हें हटाया। बाद में खतरा देखते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाकर गवाह उमेश पाल को जिला अदालत से घर भेजा गया। वकील के जरिए कर्नलगंज थाने में हमजा समेत कई लोगों के खिलाफ मारपीट और धमकी की लिखित शिकायत की गई। इस घटना से दोनों गुटों में तनाव और गहरा गया है।
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल का आरोप है कि वह अपने अपहरण की घटना में गवाही के लिए जिला अदालत की दूसरे तल पर वकीलों तथा कुछ समर्थकों के साथ पहुंचे। वहां पूर्व सांसद अतीक अहमद अपने छोटे भाई पूर्व विधायक अशरफ और चचेरे भाई हमजा उस्मान के साथ मौजूद थे। गुलफुल समेत उनके दर्जनों समर्थक भी थे। उमेश का आरोप है कि वह अपने वकीलों संग खडे थे तभी अतीक, अशरफ और हमजा समेत तमाम लोग उन्हें घेरकर खींचतान और मारपीट करने लगे। हमजा ने आगे आकर उनकी तलाशी लेते हुए कहा कि तुम असलहा रखे हो। विरोध पर हमजा ने पिस्टल सटाकर धमकाया कि गवाही दोगे तो जान से मार दिया जाएगा। 
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उमेश का आरोप है कि हमजा समेत कई लोगों ने उन्हें पीटा भी जिससे उनके होठ के पास चोट पहुंची। हंगामा बढ़ा तो उमेश के साथ आए धूमनगंज थाना प्रभारी एमएस देव ने एसएसपी को फोन से सूचना दी। इसके बाद वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स और पीएसी भेजी गई। अदालती कार्यवाही के बाद उमेश को अतिरिक्त फोर्स की निगरानी में घर भेजा गया। उमेश ने कर्नलगंज थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भेजी जिसमें यह भी लिखा है कि वकीलों ने बचाया नहीं होता तो आज अदालत परिसर में उनकी हत्या कर दी जाती। 
उन्होंने इस घटना में अतीक समेत सभी आरोपियों के खिलाफ हत्याकांड के गवाह को धमकाने और जान से मारने की कोशिश का केस लिखने का आग्रह किया। उधर, हमजा ने अमर उजाला से कहा कि मारपीट नहीं हुई थी। दोनों तरफ के समर्थकों में कहासुनी हुई तो वह उन्हें शांत कराने की कोशिश कर रहे थे। हमजा के अनुसार, अदालत कक्ष के बाहर हल्ला मचा कि पिस्टल निकाली गई है तो उन्होंने दो-तीन लोगों की यूं ही तलाशी ली थी बस।
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल ने अदालत परिसर की घटना के बाद डीआईजी को प्रार्थनापत्र देकर अतीक अहमद से खुद और परिवार की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। उमेश ने स्थायी पुलिस बल की तैनाती की फरियाद की। इस बाबत डीआईजी जीतेंद्र कुमार शाही ने अमर उजाला को बताया कि प्रार्थनापत्र को जांच तथा कार्रवाई के लिए एसएसपी इलाहाबाद को भेज दिया गया है। 
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