युवती को अगवा कर दुराचार करने के मामले में अदालत ने दो युवकों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सजा का आदेश फास्ट ट्रैक कोर्ट जज एके रवि ने सुनाया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अशोक चौरसिया और रामानुज तिवारी ने दोनों के खिलाफ आठ गवाह पेश किए।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता की मां ने फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि सात मार्च 2013 को रात नौ बजे जब पीड़ित दैनिक क्रिया के लिए खेत में गई थी उसी वक्त अशोक कुमार और संतोष कुमार उसका मुंह दबाकर बाइक से उठा ले गए। एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर दोनों ने उससे दुराचार किया और सुबह करीब तीन बजे वापस घर छोड़ गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ , मारपीट और इच्छा के विरुद्ध उसे रोकने का मामला दर्ज किया था बाद में दुराचार की शिकायत पर दुराचार की धाराओं में वृद्धि कर आरोप पत्र दाखिल किया गया। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।